फैजाबाद। सरकार की कर्जमाफी योजना से वंचित रहे करीब साढ़े पांच हजार किसानों की अगले चरण में कर्जमाफी होगी। इनमें अधिकतर किसान जिले के सीमांत इलाकों से हैं, जिनके गैर जिलों के बैंकों में खाताधारक होने से सत्यापन में पेंच फंस गया था। लंबी लड़ाई के बाद शासन के आदेश पर प्राप्त हुईं 14 हजार 876 शिकायतों में से विभागीय सत्यापन में 5524 किसान पात्र पाए गए हैं। विभागीय सत्यापन के बाद अब शासन से ऋणमाफी की संस्तुति प्रक्रिया चल रही है।
सरकार की ओर से शुरू की गई कर्जमाफी योजना से किन्हीं कारणों से वंचित रहे पात्र किसानों के दिन भी बहुरने की उम्मीद अब बढ़ी है। जिले के कई लघु और सीमांत कृषक पात्र होते हुए भी विभिन्न कानूनी व तकनीकी दांवपेच की वजह से ऋणमाफी से वंचित रह गए थे। शासन की ओर से तय किए मापदंडों के आधार पर जो कृषक विभिन्न कारणों से मानक पर खरे नहीं उतर सके, उन्हें मायूसी हाथ लगी। अधिकांश किसानों के अभिलेख पूर्ण न होने, दो जगहों पर ऋण होने व उसका संपूर्ण विवरण तत्समय स्पष्ट न होने, ऋण लिए गए गाटों की उस समय जांच न हो पाने, बंद पड़े खाते आदि विभिन्न कारणों से जिले के बहुत से कृषकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। ऐसे किसान लंबे समय से बैंक से लेकर जिले के उच्चाधिकारियों सहित शासन-प्रशासन तक चक्कर लगा रहे थे। कुछ किसानों का ऋण गैर जनपद से स्वीकृत होने के फेर में भी वे कर्जमाफी से वंचित हो गए थे। इन तमाम कारणों से कर्जमाफी को लेकर सरकार की किरकिरी भी शुरू हो गई थी। जिस पर गंभीरता से विचार करते हुए शासन की ओर से ऐसे पात्र किसानों से पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा गया था।
मिले निर्देशानुसार दस मार्च तक शिकायतें प्राप्त होने के बाद 11 से 16 मार्च तक शिकायतों का सत्यापन किये जाने के बाद 23 मार्च को लाभान्वित होने वालों की वास्तविक सूची शासन को भेजी जानी थी। दस मार्च तक पोर्टल पर कुल 14 हजार 876 शिकायतें ऑनलाइन प्राप्त हुई थीं। जिसके सत्यापन के लिए विभाग की ओर से संबंधित तहसील को प्रेषित किया गया। राजस्वकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर प्रत्येक शिकायतों का विवरण व जांच कर पात्र लाभार्थियों को चिह्नित किया। इस प्रक्रिया में अंत तक करीब 5521 किसान पात्र पाए गए, जबकि 9355 किसान फिर छंट गए। सबसे ज्यादा लाभ रुदौली तहसील के किसानों को मिलने की उम्मीद है। यहां सर्वाधिक 4946 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से करीब 2250 किसान पात्र पाए गए। सबसे कम शिकायत सदर व सोहावल में रहीं। इससे पूर्व कुल तीन चरणों में 37100 किसानों का कुल 188.043 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया जा चुका है। इसके अलावा सहकारिता के बंद पड़े खातों (एनपीए) के 3066 किसानों का 1.90 करोड़ व बाराबंकी जनपद के 398 ऐसे किसान, जिनका ऋण फैजाबाद जिले से स्वीकृत हुआ था, उनके भी 31.15 लाख की ऋणमाफी हो चुकी है। अब इन पात्र किसानों को कर्जमाफी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। यदि सब कुछ सही रहा तो शीघ्र ही इन किसानों को भी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी फैजाबाद बीके सिंह ने कहा कि पोर्टल पर बीते दस मार्च तक ऋणमाफी से वंचित सभी प्रकार के किसानों की 14 हजार 876 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। सत्यापन के बाद करीब 5521 किसान ऋणमाफी का लाभ पाने के लिए पात्र पाए गए हैं, जिन्हें सूचीबद्ध करके शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
इनसेट..
तहसीलवार प्राप्त शिकायतें
तहसील शिकायत
सदर 1665
बीकापुर 2223
मिल्कीपुर 2016
रुदौली 4946
सोहावल 1494
बाराबंकी 1145
अन्य जनपद 1387
कुल 14876