प्रदेश में नारी सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए इस नवरात्र 9 दिनों का एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहला चरण 17 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक चलेगा। इस अभियान को मिशन शक्ति नाम दिया गया है। इसे लेकर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक प्रस्तुतिकरण दिया गया।
शारदीय नवरात्र से बासंतिक नवरात्र के राम नवमी तक चलने वाले इस विशेष अभियान में ग्राम पंचायत से लेकर औद्योगिक इकाइयों तक, स्कूल कैम्पस से लेकर सरकारी विभागों तक, दुर्गा पंडालों से लेकर रामलीला के मंच तक, हर जगह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के भाव को बढ़ाने के लिए मिशन रूप में काम किया जाएगा। पुलिस विभाग के साथ-साथ बेसिक, उच्च, माध्यमिक, प्राविधिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, एमएसएमई सहित 23 विभागों के साथ-साथ व्यापारी, चिकित्सक, उद्यमी सहित विभिन्न निजी व गैर सरकारी संस्थाएं इस महत्वपूर्ण अभियान में भागीदार होंगी। यही नहीं परिवहन विभाग के साथ-साथ ओला और उबर जैसी निजी परिवहन तंत्र भी इसमें प्रतिभाग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नवरात्र के वास्तविक भाव को धरातल में उतारना होगा। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला समृद्ध समाज का आधार है। उन्होंने प्रदेश की हर नारी की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने का संकल्प लेते हुए मिशन शक्ति को सफल बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान चरणबद्ध रहेगा। पहले चरण में जागरूकता पर जोर होगा।
नवरात्र के नौ दिन नारी गरिमा और सशक्तीकरण थीम पर अलग-अलग कार्यक्रम अयोजित होंगे। शारदीय नवरात्र से राम नवमी तक चलने वाले इस विशेष अभियान में ग्राम पंचायत, औद्योगिक इकाई, स्कूल कैम्पस, सरकारी महकमे, दुर्गा पंडाल, रामलीला के मंच तक से महिला सुरक्षा व सशक्तीकरण के लिए जागरुक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए विभागवार विस्तृत कार्य योजना भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हर थाने पर हो महिला हेल्प डेस्क
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की जाए। वीमेन पावर लाइन 1090 को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम वर्क से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लड़ाई इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसे मॉडल मानकर महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए भी काम करना होगा।