‘हम हिंदुस्तान को गलत हाथों में नहीं जाने देंगे...। इस मुल्क में हमें हुकूमत का ही नहीं, ईमान का परचम भी लहराना है...’।
फिल्म ‘जोधा अकबर’ में अकबर का यह डायलॉग लिखने वाले पद्मश्री साहित्यकार केपी सक्सेना की 82वीं जयंती रविवार को है। इस अवसर पर वरिष्ठ व्यंग्यकार गोपाल चतुर्वेदी को प्रथम ‘केपी सक्सेना सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा।
समारोह बिम्ब कला केंद्र की ओर से 13 अप्रैल को जयशंकर प्रसाद सभागार में होगा। पर्यटन विभाग में कार्यरत साहित्यकार के बेटे संदीप सक्सेना बताते हैं कि पिताजी ने तमाम विधाओं पर लेखन किया।
‘हलचल’, ‘लगान’ और ‘जोधा अकबर’ जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। वे लखनऊ की रूह पर काबिज रहने वाले साहित्यकार रहे हैं। उनकी लेखनी के लोग आज भी कायल हैं।