बहराइच। शहर के एक निजी हास्पिटल के चिकित्सकों की लापरवाही से एक महिला के ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में तौलिया छूट गया था। माह भर तक महिला जिंदगी मौत से जूझती रही। दूसरे अस्पताल के डाक्टरों ने पुन ऑपरेशन कर तौलिया निकाला तब उसकी जान बच सकी।
इस मामले में सीएमओ ने जांच करवाई तो डाक्टरों की लापरवाही उजागर हुई। सीएमओ के आदेश पर शुक्रवार देर रात निजी अस्पताल को सीज कर दिया गया है। सीएमओ ने जिले में संचालित अन्य निजी हास्पिटल और नर्सिंग होम की जांच के आदेश दिए हैं।
बलरामपुर जिले के श्रीनगर कटुआ शिवपुरा गांव निवासी मीरादेवी (30) को माह भर पूर्व प्रसव पीड़ा के दौरान शहरा के अस्पताल रोड पर संचालित मेडीजोन हास्पिटल में पति ने भर्ती कराया था। यहां पर डाक्टरों ने लापरवाही से आपरेशन करते हुए महिला के पेट में तौलिया छोड़ दिया था।
बहराइच व लखनऊ तक इलाज कराने पर जब तबियत नहीं सुधरी तो महिला ने जिले की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा मिश्रा को दिखाया। डॉ. सुषमा ने वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरडी मिश्रा के सहयोग से ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई।
इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने 9 जुलाई के अंक में प्रमुखता से किया था। वहीं पीड़ित महिला के पति वंशीराम ने सीएमओ डॉ. अरुण पांडेय के सामने हाजिर होकर पीड़ा बयां की थी। मेडीजोन अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही भी बताई थी।
इस पर सीएमओ ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके बांदिल को जांच सौंपी थी। डिप्टी सीएमओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीएमओ ने शुक्रवार रात तत्काल प्रभाव से हास्पिटल सीज करवा दिया। सीएमओ ने बताया कि हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने की भी कवायद शुरू कर दी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अरुण पांडेय ने बतायाकि सभी नर्सिंगहोम व निजी अस्पताल के मानकों की होगी जांचमेडीजोन हास्पिटल की लापरवाही उजागर होने के चलते शरहर और कस्बों में संचालित सभी नर्सिंगहोम की जांच के आदेश दिए गए हैं।
डिप्टी सीएमओ से अलग अलग क्षेत्रों में संचालित नर्सिंगहोम की क्रास चेकिंग भी कराई जाएगी। जहां भी गड़बड़ी और मानक दुरुस्त नहीं मिलेगा सीज करने की कार्रवाई होगी।