बहराइच। पानी की तलाश में जंगल से भटक कर परवानीगौढ़ी में पहुंचे चीतल को कुत्तों ने नोंच डाला। सूचना पाकर पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल चीतल को रेंज कार्यालय लाकर इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज अंतर्गत परवानीगौढ़ी लखीमपुर-नानपारा हाईवे के निकट बसा हुआ है। गांव में शनिवार सुबह जंगल से भटक कर एक चीतल आ गया। यहां पर मौजूद पालतू कुत्ते ने नोंचकर घायल कर दिया।
ग्रामीणों ने सूचना रेंज कार्यालय पर दी। वन क्षेत्राधिकारी खुर्शीद आलम, डिप्टी रेंजर आरके राव, वन दरोगा व पांच एसएसबी जवानों के साथ गांव पहुंचे। सभी घायल चीतल को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचे।
यहां पर मोतीपुर पशु चिकित्सक की अगुवाई में इलाज शुरू किया, लेकिन आधे घंटे बाद ही चीतल की मौत हो गई। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मिहींपुरवा पावर हाऊस के समीप हाईवे पर जंगली चीतल पर कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था।
जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम के बाद उसे दफना दिया गया है। रेंजर ने बताया कि पानी की तलाश में चीतल जंगल से भटक कर गांव की ओर आया था।