बाराबंकी। अक्षय तृतीया पर स्वर्ण खरीदना शुभ माना जाता है। इसी को लेकर स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी ज्यादा की जाती है। मंगलवार से ही सराफा बाजार सज गया। बाजार में तरह-तरह के आभूषण कई रेंज मेें मौजूद हैं। साउथ पैटर्न की बंगलोर की ज्वैलरी, सोने की घड़ी, ब्रेसलेट लोगों के आकर्षण का केंद्र है। वहीं इंटीक की बिछिया व काकटेल, रामोला की इयररिंग लोगों को खासा लुभा रही है।
वैशाख में शुक्लपक्ष की तृतीया को किया गया कार्य अक्षय हो जाता है। इसलिए इस दिन शुभ व पुण्य कार्य करना चाहिए। इसी दिन परशुराम जयंती मनइ जाती है। अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु व लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है। अक्षय तृतीया को वस्त्र व स्वर्ण का दान का विशेष महत्व है। पुराण के अनुसार सतयुग व त्रेतायुग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ था। माना जाता है कि ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का प्राकट्य भी इसी दिन हुआ था। इस दिन अधिक से अधिक जरूरत मंदो को दान करना चाहिए। शहर की सराफा बाजार सोने चांदी के आभूषणों से सज कर तैयार है। भगौती ज्वैलर्स ने बताया कि सोने की घड़ी 50 हजार से लेकर दो लाख तक की रेंज में मौजूद है। सोने का चश्मा 50 हजार से 70 हजार के अलावा ब्रेसलेट की नई डिजाइन 15 हजार से लेकर डेढ़ लाख तक की रेंज में मौजूद हैं। हार, चूड़ी के अलावा इस बार बंगलोर की ज्वैलरी साउथ पैटर्न पर स्पेशल मंगाई गई है। डायमंड सेट की पूरी रेंज बाजार में मौजूद है। चांदी की पायलों की नई डियाजनें, इंटीक की बिछिया, इयर रिंग की काकटेल, रामोला जैसी कई डिजायनों से बाजार सजा है।
पूरे दिन रहेगी अक्षय तृतीया
पांचांग के अनुसार 17 अप्रैल मंगलवार रात 3 बजकर 45 मिनट से अक्षय तृतीया लग जाएगी और 18 अप्रैल बुधवार रात एक बजकर 45 मिनट तक रहेगी। अक्षय तृतीया में भगवान विष्णु व लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है। इस दिन शुभ व पुण्य कार्य करना चाहिए।
- प्रमोद पाठक, ज्योतिषाचार्य, श्रीराम लीला दशहरा मंदिर
इस बार बन रहा विशेष संयोग
बुधवार को सूर्योदय के समय सूर्य मेष राशि कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण में है और सूर्य मेष राशि में है। ऐसा संयोग कई वर्षों बाद आता है। कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण में सूर्य मेष राशि मेें होने के कारण विशेष योग बन रहा है। इस दिन किया गया कार्य अक्षय हो जाता है।
- वीरेंद्र व्यास शास्त्री, मुड़कटी देवी मंदिर