बहराइच। तराई का मौसम शनिवार भोर में अचानक बिगड़ गया। गरज चमक और तेज हवा के साथ बरसात हुई। सुबह मौसम साफ हो गया।
लेकिन भारी वर्षा से गेहूं के साथ दलहनी व तिलहनी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। लगभग 20 फीसदी फसलें नष्ट हों गई हैं। कई ग्रामीणों के घरों के छप्पर भी उड़ गए।
मकान खंडहर नजर आ रहे हैं। चपेट में आकर छह लोग घायल हुए हैं। जिले की बिजली गुल है। इससे दिक्कतें बढ़ गई हैं। तराई में मौसम का मिजाज शुक्रवार रात को सामान्य था। हल्की हवा चल रही थी।
लेकिन शनिवार भोर में तीन बजे के आसपास अचानक मौसम बिगड़ गया। गरज-चमक के साथ तेज हवा चलीं। जमकर बादल बरसे। लगभग दो घंटे तक तेज बरसात हुई। सुबह होते-होते मौसम साफ हो गया।
लेकिन दो घंटे की भारी वर्षा और तेज हवा से शहर के साथ ही ग्रामीण अंचलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। किसानों के माथे पर बल पड़ गए। खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है।
तिलहन और दलहन की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बड़े पैमाने पर फसलें खेत में गिर गई हैं। यह स्थिति फखरपुर, महसी, कैसरगंज, जरवल, मिहींपुरवा, रिसिया, नवाबगंज, खैरीघाट, शिवपुर, पयागपुर, विशेश्वरगंज इलाकों में रही।
महसी के फत्तेपुरवा ग्राम पचायत के खालेपुरवा में तेज हवा से पुत्तीलाल व बंशीलाल के मकान के छप्पर उड़ गए। मिहींपुरवा के परवानीगौढ़ी निवासी गोपाल जायसवाल, नागेश पटवा और कमलेश के टीनशेड और छप्पर उड़कर 100 मीटर दूर जा गिरे।
चपेट में आकर परिवार के छह लोग घायल हुए हैं। भारी वर्षा के चलते परवानीगौढ़ी गांव में जलभराव की स्थिति बन गई। भगड़िया गांव में सैकड़ों की किसानों की खेत में लगी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
नवाबगंज में भी खेत में कटी फसल भीगने से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई है। सुबह छात्र-छात्राएं घुटनों भर पानी में होकर स्कूल पहुंचे।
जगह-जगह टूटे खंभे, पूरे दिन गुल रही बिजली
भोर में मौसम परिवर्तन के कारण तेज हवा की चपेट में आकर विद्युत तार और पोल धराशायी हो गए। नवाबगंज के हरिहरपुर, ढोढ़े गांव, मिर्जाफाटा, नंदा गांव में विद्युत तार टूटकर गिर गए।
यही स्थिति जिले के अन्य हिस्सों में रही। पूरे दिन बहराइच शहर के साथ ही ग्रामीण अंचलों में विद्युत सप्लाई ठप रही। शहर में चार बजे के आसपास विद्युत सप्लाई शुरू तो जरूर हुई, लेकिन ट्रिपिंग की समस्या बरकरार रही।
चार सेंटीमीटर हुई वर्षा, 20 फीसदी फसल को नुकसान
तराई में पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार को भोर में अचानक मौसम बिगड़ा। चार सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। वर्षा के कारण खेतों में लगी या कटी पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
80 फीसदी के अलावा तिलहनी और दलहनी फसलें खलिहानों में हैं। वे भी भीग गई हैं। औसतन 20 फीसदी फसलों का नुकसान हुआ है। फिलहाल, मौसम साफ हो गया है। किसान अति शीघ्र फसलों की कटाई मड़ाई कर अनाज को घर पहुंचाएं।
-डॉ. एमवी सिंह, प्रभारी वैज्ञानिक, फसल अनुसंधान
तहसीलों से मंगवाई गई रिपोर्ट
शनिवार भोर में मौसम बदलने से तेज वर्षा हुई। इससे फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं। तहसीलों से रिपोर्ट मंगवाई गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद फसलों के नुकसान का सही आंकलन हो सकेगा।
-रामसिष्ट, जिला कृषि अधिकारी
बीएसए ऑफिस में भरा पानी
भारी वर्षा से शहर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शनिवार सुबह जलभराव की स्थिति बन गई। 10 बजे कर्मचारी ऑफिस पहुंचे तो घुटनों भर पानी में होकर अंदर गए। इससे ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खुल गई।