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बेकाबू बिजली संकट से त्रस्त हुए शहरवासी

Fri, 29 Aug 2014 02:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे की राजधानी में गुरुवार को भी आठ उपकेंद्र दो घंटे से अधिक समय तक ठप रहे। इससे एक लाख उपभोक्ताओं को बिजली संकट से रूबरू होना पड़ा।
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इसके कारण इटौंजा से खदरा और अलीगंज से आईआईएम रोड तक बिजली संकट उत्पन्न हुआ। उपकेंद्र की बिजली चालू हुई तो शाम से कटौती का सिलसिला शुरू हुआ।

इससे नाराज लोगों ने दो उपकेंद्र पर हंगामा कर नाराजगी व्यक्त की। 220 केवी चिनहट उपकेंद्र पर इमरजेंसी में मेंटेनेंस करने के लिए 132 केवी नबीकोट नंदना उपकेंद्र की बिजली दोपहर 2:24 बजे अचानक बंद करनी पड़ी।

इससे बीकेटी, बौरुमऊ, इटौंजा, अहिबरनपुर, जीएसआई, विकासनगर, पुरनिया, कपूरथला 33 केवी उपकेंद्र की बत्ती बंद हो गई।

विकासनगर एवं जीएसआई की बिजली 132 केवी खुर्रमनगर उपकेंद्र से चालू कर ली गई पर कटौती चलती रही।

लेकिन अलीगंज, सीतापुर रोड, खदरा, त्रिवेणीनगर, आईआईएम रोड, कपूरथला, पुरनिया आदि इलाकों में लोग शाम चार बजे तक बिजली को तरसे।

नाराज लोगों ने अहिबरनपुर एवं जीएसआई उपकेंद्र पर हंगामा किया। इसके बाद 132 केवी नबीकोट नंदना से बिजली चालू तो हुई लेकिर सभी उपकेंद्रों की बिजली सामान्य होने मे शाम के छह बज गये।
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इसके बाद नबीकोट नंदना उपकेंद्र से बिजली कटौती जो सिलसिला शुरू हुआ वह आधी रात एक बजे तक चला।

33 केवी लाइन में फाल्ट, छह घंटे बत्ती गुल
आरडीएसओ में स्थित 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने के कारण बृहस्पतिवार को पारा व राजाजीपुरम इलाके दर्जनों मोहल्लों की लाखों की आबादी बिजली संकट से बेहाल रही।

सुबह 6:30 बजे गई बिजली दोपहर 1 बजे के बाद लगभग छह घंटे बाद बहाल हो सकी। बिजली न आने से नागरिकों को पानी संकट का भी सामना करना पड़ा।

विक्रम नगर निवासी प्रवीण बाजपेई बताया कि सुबह-सुबह लाइट जाने से पानी भी नहीं आया।

सुमंत त्रिपाठी, गौरव सिंह, शीलू बाजपेई आदि ने बताया कि बिजली जाने पर कई बार उपकेंद्र में फोन मिलाया लेकिन फोन नहीं मिला।
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