रायबरेली। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित जिले में पांच करोड़ से अधिक लागत वाली 79 परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच शुरू कराई गई है। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले नोडल अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में पांच करोड़ से अधिक लागत की 79 परियोजनाएं संचालित हैं। इसमें सरेनी-भोजपुर मार्ग, बभनपुर वाया राजापुर गढ़ा मार्ग, अमरूपुर से धरई मार्ग, मटेनहा मार्ग, छिपिया मार्ग, महराजगंज हैदरगढ़ मार्ग, डलमऊ ऐहार मार्ग, रौतापुर से मथुरपुर मार्ग, कमलागंज से मानिकपुर मार्ग, महराजगंज दुसौती इन्हौना मार्ग, महराजगंज तहसील में आवासीय व अनावसीय भवनों का निर्माण, नेवाजगंज में 132 केवीए उपकेंद्र निर्माण कार्य समेत अन्य सभी बड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच होगी।
इसके लिए एक-एक कार्य की जांच के लिए अधिकारियों को नामित किया गया है। तीन दिन में अधिकारियों को परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि नोडल अधिकारियों को जिले में संचालित बड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच सौंपी गई है। सभी को समय से परियोजनाओं का निरीक्षण करके कार्यों के संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों पर कार्रचाई की जाएगी। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।