रायबरेली में बुधवार को ऊंचाहार सीएचसी में मरीज का एक्सरे करते स्वास्थ्यकर्मी। -संवाद
रायबरली। सरकार की मंशा वर्ष 2025 में ही जिले को क्षयरोग मुक्त करना है लेकिन माह भर में ही 750 नए क्षयरोगी मिल गए हैं। यह हकीकत क्षयरोगी खोज अभियान शुरू होने के बाद सामने आई है। असल में अभियान के तहत 14 हजार से अधिक संदिग्ध लोगों की जांच की गई जिनमें 750 नए रोगी मिले। मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। जो स्थिति है, उससे आशंका जताई जा रही है कि जिले में क्षयरोगियों की संख्या बढ़ सकती है।
टीबी वैसे तो एक गंभीर बीमारी है लेकिन यदि समय रहते इसका सही ढंग से इलाज करा लिया जाए तो यह बहुत ही आसानी से ठीक भी हो जाती है। जरूरत है तो इसके सही इलाज और नियम से दवाओं का सेवन करने की। बीते वर्ष सात दिसंबर से जिले में 100 दिन का क्षयरोगी खोज अभियान शुरू किया गया।
अब तक 5.88 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर 14 हजार से अधिक संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया गया। जब संदिग्धों की जांच की गई तो 750 लोग क्षयरोग की चपेट में मिल गए। माह भर में काफी संख्या में मरीज मिलते ही सभी का इलाज शुरू करा दिया गया है।
जिले को क्षयरोग मुक्त करने का काम शुरू किया गया है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया गया है। अभियान में 750 नए मिले मरीजों का इलाज शुरू करा दिया गया है। लोग जागरूक हों। आशंका होने पर नजदीक के अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। क्षयरोगियो का इलाज निशुल्क किया जाता है।
-डॉ. नवीन चंद्रा, सीएमओ