चौक थाना क्षेत्र के यहियागंज में बुधवार को 75 साल की सुखदेई ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे उनकी सही से देखभाल नहीं कर रहे थे जिससे वह क्षुब्ध थीं। सुखदेई का शव घर के बाहर रस्सी के फंदे से लटकता मिला।
प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह के मुताबिक, चौक क्षेत्र में यहियागंज भीम नगर में बुधवार तड़के बुजुर्ग सुखदेई का शव उनके निर्माणाधीन मकान के बाहर लोहे के एंगल से रस्सी के फंदे से लटकता देख मोहल्ले वालों ने बेटे को जानकारी दी।
आनन-फानन में उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बड़े बेटे अरविंद ने बताया कि उसके पिता चैतू की मृत्यु 10 साल पहले हो गई थी। बुजुर्ग महिला काफी समय से डिप्रेशन में थी।
वही परिवार में दो बेटे अजय और अरविंद हैं। महिला अपने बेटे अजय के साथ रहती थी। अरविंद सहादतगंज लकड़मंडी में रहकर मूर्तियां बनाकर बेचने का काम करता है। बीते कुछ समय से जब अजय ने अपना पुराना घर तुड़वाकर उसमें दुकानें और ऊपर रहने के लिए घर बनवाना शुरू किया था, तब से सुखदेई अपनी अनदेखी को लेकर काफी क्षुब्ध रहती थीं।
मोहल्ले वालों ने बताया कि मंगलवार देर रात वह अपने घर के बाहर बैठी रहीं। तड़के जब लोग उठे तो देखा कि मकान के बाहर रस्सी और एंगल के सहारे उनका शव बैठने की अवस्था में था। लोगों ने भागकर अजय को बताया। अजय उन्हें लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचा जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वे बेटों की ओर से अपनी अनदेखी से दुखी थीं और इसीलिए फांसी लगाकर जान दे दी।