लखनऊ। पीजीआई के वृंदावन कॉलोनी निवासी प्रभुनाथ प्रसाद ने काकोरी के घुरघुरी तालाब निवासी हरिशचंद्र गौतम पर उनसे प्लाॅट के नाम पर 7.5 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक आरोपी हरिश्चंद्र जिला सहकारी बैंक मैनपुरी से बर्खास्त हो चुका है। मामले में काकोरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रभुनाथ के मुताबिक 2024 में जमीन प्लॉट खरीदना चाहते थे। इस सिलसिले में उनकी मुलाकात हरिश्चंद्र से हुई। उसने उन्हें एक प्लॉट दिखाया। पसंद आने पर पीड़ित ने सौ रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कर 65 हजार रुपये नकद व डेढ़ लाख का चेक 14 दिसंबर 2024 को दिया था। जनवरी में हरिश्चंद्र ने उनसे कहा कि उसे किसी को पांच लाख रुपये देने हैं। अगर आप रुपये दे दें तो मैं प्लॉट की रजिस्ट्री आपके नाम कर दूंगा। इस पर प्रभुनाथ ने पांच लाख का चेक आरोपी को दे दिया। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी ने रजिस्ट्री उनके नाम नहीं की। छानबीन में पता चला कि आरोपी ने जिस प्लॉट को अपना बताया था, वह किसी और का है। विरोध पर हरिश्चंद्र धमकाने लगा और रकम लौटाने से मना कर दिया। पीड़ित ने बताया कि इस बीच उन्हें यह भी पता चला कि आरोपी बैंक में गबन के मामले में बर्खास्त हो चुका है। वह जेल भी गया था। इंस्पेक्टर सतीश राठौर के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।