प्राइमरी स्कूलों में 72825 शिक्षकों की भर्ती पर सरकार का गंदा खेल जारी है। सरकार बार-बार आवेदकों का मजाक बना रही है।
गौरतलब है कि भर्ती के लिए 4 जुलाई को जारी हुई मेरिट लिस्ट अब भी वेबसाइट पर दिख नहीं रही है। जिसे लेकर आवेदक परेशान हैं।
इस मामले को जब मुख्यमंत्री अखिलेश ने संज्ञान में लिया तो पता चला कि साइट पूरी क्षमता के साथ नहीं चल रही थी, लिहाजा ट्रैफिक अधिक होने के कारण बैठ गई।
वेबसाइट न खुलने से भर्ती को लेकर सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, हालांकि ये कहा जा रहा है कि सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरा करने का आदेश दिया हैं।
बौखलाए अखिलेश ने दिए निर्देश
वहीं वेबसाइट न खुलने और भर्ती प्रक्रिया में देरी होने से नाराज सीएम अखिलेश ने अपना गुस्सा सचिव पर उतारा है।
सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग ने इस संबंध में बैठक कर वेबसाइट को पूरी क्षमता से संचालित करने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव (सीएम) ने एनआईसी व स्टेट टेडा सेंटर के अधिकारियों के साथ बैठक कर जब वजह जाननी चाही तो पता चला कि वेबसाइट सिर्फ 40 फीसदी क्षमता से चलाई जा रही है।
इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अफसरों को पूरी क्षमता से वेबसाइट चलाने का निर्देश दिया।
बुधवार को दिया जाएगा विवरण
बैठक में बताया गया कि एससीईआरटी की साइट पर एक्सल फार्मेट में अभ्यर्थियों का जिलावार विवरण उपलब्ध करा दिया गया है।
आवेदक अपनी कंप्यूटर आईडी नोट कर विवरण प्रिंट कर सकते हैं। अभ्यर्थियों के विवरण संबंधित डायट को भी भेजे गए हैं।
आज (बुधवार) से डायट विवरण अपनी वेबसाइट पर डाल देंगे। जिन जिलों में डायट की वेबसाइट नहीं है वहां जिले के एनआईसी की वेबसाइट पर विवरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
निदेशक एससीईआरटी ने कहा है कि यदि आवेदक अपने विवरण में कोई संशोधन चाहते हैं तो वेबसाइट लिंक एचटीटीपी:// 164.100.181.130 पर अपनी आईडी डाल कर प्रत्यावेदन वेबसाइट से प्रिंट कर लें और फिर 15 जुलाई शाम पांच बजे तक संबंधित डायट में जमा कर दें।
मांगा था 12 सप्ताह का वक्त
उल्लेखनीय है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 12 सप्ताह का वक्त मांगा था लेकिन जस्टिस एचएल दत्तू की पीठ ने साफ किया कि यूपी सरकार को प्रक्रिया पूरी करने के लिए सिर्फ आठ हफ्ते तक की मोहलत दी जा सकती है।
इससे ज्यादा समय राज्य सरकार को नहीं दिया जा सकता। हालांकि याचिकाकर्ता शिव कुमार पाठक की ओर से और समय दिए जाने का विरोध किया गया। तर्क दिया गया कि राज्य सरकार जान-बूझकर मामले में देरी कर रही है।
प्रशिक्षु शिक्षकों के चयन के लिए मेरिट जारी हुए सोमवार को चार दिन बीत गए पर बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट का हाल नहीं सुधरा।