72,825 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसका कारण भारी संख्या में आए प्रत्यावेदनों में आपत्तियों का निपटारा करना है।
उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई तक गलतियों को ठीक करने के लिए मांगे गए आपत्तियों का अंबार डायटों पर लग गया है।
आपत्तियों की संख्या 80 लाख से ऊपर तक आंकी गई है।
सचिव बेसिक शिक्षा ने एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम को निर्देश दिया है कि आपत्तियों का निस्तारण जल्द करा लिया जाए, ताकि अंतिम कटऑफ जारी करने में आसानी हो।
चाहिए रिजल्ट की मूल कापी
हालांकि बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू की गई 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द ही पूरी कर लेने की तैयारी है। इसके लिए जल्द ही अंतिम कटऑफ जारी करते हुए प्रमाण पत्रों के मिलान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रमाण पत्रों के मिलान के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद से टीईटी-2011 के रिजल्ट की मूल कापी मांगी गई है।
सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता इस संबंध में बृहस्पतिवार को बैठक भी करेंगे।
ये चाहता है शिक्षा परिषद
उत्तर प्रदेश में पहली बार नवंबर 2011 में टीईटी आयोजित कराई गई। तत्कालीन बसपा सरकार ने टीईटी की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद को दी थी।
प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग कर रहा है। इसलिए वह चाहता है कि अंतिम कटऑफ जारी होने से पहले टीईटी 2011 रिजल्ट की मूल कापी उसके पास आ जाए।
हालांकि, इस संबंध में पूर्व में जब माध्यमिक शिक्षा विभाग से रिजल्ट मांगा गया था, तो उसने बताया कि एससीईआरटी को रिजल्ट दे दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित की समय सीमा
प्रत्यावेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए 20 अगस्त तक का वक्त दिया था।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने भी विधानसभा में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 72,825 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया 15 से 20 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।
इस संबंध में 27 जून को शासनादेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया था कि नियुक्तियों के लिए किसी तरह के अवैधानिक शुल्क की वसूली न करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई अधिकारी अनियमितता करता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।