लोकसभा चुनाव समाप्त हो चुका है और युवाओं को भर्ती का इंतजार है।
राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती करने के साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षा मित्रों का समायोजन करना है।
परिषदीय स्कूलों में यदि एक महीने के अंदर शिक्षकों की भर्तियां न की गईं तो जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र में शिक्षकों की कमी बरकरार रहेगी और इसका खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ेगा।
लटकी हैं कई भर्ती प्रकिया
प्रदेश के 1,54,272 प्राइमरी और 76,782 उच्च प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है।
इसे देखते हुए 1.72 लाख शिक्षा मित्रों को दो वर्षीय बीटीसी का प्रशिक्षण देकर समायोजित करने की योजना बनाई गई।
प्राइमरी स्कूलों में 72,825 तथा उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान के 29,334 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन लचर तैयारियों के चलते यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई, इस तरह कई भर्ती प्रकिया लटकी हुई हैं।
टीईटी पास बीएड वाले और शिक्षा मित्र शिक्षा बनने का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया जल्द शुरू
उत्तर प्रदेश आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही कहते हैं कि लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही आचार संहिता का अड़ंगा भी समाप्त हो गया है।
इसलिए सरकार को शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए, ताकि नए सत्र से परिषदीय स्कूलों में शिक्षक मिल जाएं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इसके अलावा शिक्षा मित्रों की परीक्षाओं की तारीख भी घोषित हो चुकी हैं।