दलित युवक की हत्या के बाद फूटा गुस्सा, प्रदर्शन
इन्हौंना (रायबरेली)। शिवरतनगंज में दलित युवक की हत्या से खफा परिवारीजनों व ग्रामीणों ने बुधवार रात हत्या आरोपियों के घर के बाहर शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
सभी का आरोप था कि पुलिस की ढिलाई के चलते युवक की हत्या की गई है। केस दर्ज करने के बाद भी पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी है।
उधर, सूचना पर काफी फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। सीओ तिलोई ने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
पूरे पासिन निवासी केशव (35) 23 जून 2018 को पूरे गड़रियन गांव अपने मित्र के यहां गया था। रात में गांव के ही कुछ लोगों ने केशव की बेरहमी के साथ पिटाई कर दी थी।
हमलावरों ने युवक के नाजुक अंगों को भी चोट पहुंचाई थी। बुधवार को केशव ने लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
मामले में साहबदीन, संतोष पुत्र राजाराम, संतोष पुत्र कालीचरन, सुरेश, रामसुख के खिलाफ केस दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किसी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
बुधवार देर रात जब लखनऊ से शव गांव पहुंचा तो लोग आक्रोशित हो उठे। परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया और पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप लगाते आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
परिवारीजनों व ग्रामीणों ने हत्या आरोपियों के दरवाजे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस खबर पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। मामले को गंभीरता से देखते हुए सीओ पीयूषकांत राय व मोहनगंज एसओ धीरेंद्र कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किये जाने के आश्वासन पर गुरुवार को परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान भी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।