बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को दूसरी चौथी पर पूरी रात जियारत का सिलसिला चला। या गाजी मदद और गाजी सरकार की दुहाई के स्वर सुनाई पड़ते रहे।
जायरीन गाजी की शान में कसीदे पढ़ते व कव्वाली करते हुए हुए मजार शरीफ पर पहुंचे। यहां सभी ने चादर पोशी कर निशान पेश कर अमनो-अमान की दुआ की। भोर होते ही जायरीन जत्थों में घरों को लौटने लगे।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को दूसरी चौथी पर जियारत के लिए विभिन्न प्रांतों के जायरीन का सैलाब उमड़ा।
पूरी रात जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि जायरीन ने गाजी की शान में कसीदे व कव्वाली पढ़ते हुए परंपरागत तरीके से मजार शरीफ पर चादरपोशी की।
गाजी की खिदमत में निशान पेश करने के लिए भी जायरीन में होड़ लगी रही। इस मौके पर अकीदतमंदों ने मन्नत मांगते हुए सुख-समृद्धि और अमनो-अमान की दुआ की।
जियारत करने के बाद विभिन्न जिलों से आए जायरीन ने मेला परिसर में स्थापित दुकानों पर खरीददारी की। भोर होते ही जायरीन जत्थों में घर लौटने लगे। जिसके चलते रेलवे स्टेशन व परिवहन निगम के बस अड्डे पर भारी भीड़ रही।