आईटीआई की बेहतरी के लिए कर्मचारियों ने उठाई आवाज
रायबरेली। आईटीआई फैक्ट्री के कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से मिलकर फैक्ट्री की दशा बताई। कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों का हित नहीं हो रहा है।
यही नहीं रिटायर कर्मचारियों का बकाया भुगतान नहीं दिया जा रहा है। यह सब प्रबंधन की हिटलर शाही के कारण हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कर्मचारी नेताओं को आश्वासन दिया कि किसी का अहित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया है।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के उपाध्यक्ष सीएम सिंह, इंद्रजीत, रामगुलाम, मिश्रीलाल, वीरेंद्र सिंह, दिलीप, पुत्तीलाल, जेपी चौरसिया, वीरेंद्र पाठक, वासुदेव यादव, रामलखन के अलावा ऑफिसर्स एसोसिएशन के रामानंद त्रिवेदी ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन देकर बताया कि फैक्ट्री की दशा ठीक नहीं है।
इन सभी ने भाजपा की कार्यशैली की सराहना की और कहा कि आईटीआई लाभांश अर्जित कर रही है। इसके बावजूद कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आईटीआई में केवल 3500 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जो 1997 के तहत वेतन पा रहे हैं। रिटायर की उम्र 58 है, जबकि 60 होनी चाहिए।
कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। यही नहीं कर्मचारियों की उपेक्षा कर संविदा कर्मियों की भर्ती की जा रही है। ऐसा करके पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों की रिटायर उम्र 58 के बजाय 60 करने की मांग की।