मिल्कीपुर। तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर मां और बेटियों पर पलट गई। हादसे में एक बेटी की मौत हो गई है, जबकि दूसरी को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में भर्ती कराया गया है। वहीं, मां को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
हादसा इनायतनगर थाना क्षेत्र के गोठवारा पूरे नौवाढाक में मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तब हुआ, जब मां और दो बेटियां शौच के लिए गई थीं। बताया जा रहा कि एक ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी ढोई जा रही थी। लोगों का कहना था कि चालक ने कान में ईयर फोन लगाया था। मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की रफ्तार तेज थी, जिससे वह बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में 17 वर्षीय महिमा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उसकी मां राजकुमारी और बहन काजल गंभीर रूप से घायल हो गईं।
नौवाढाक गांव के पास हुई घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। राजकुमारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। काजल को दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रॉली के नीचे दबी महिमा के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पिता रामराज दिल्ली में काम करते हैं। सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज, दर्शन नगर पहुंच गए थे।
इस बाबत इनायतनगर थानाप्रभारी रतन कुमार शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है। चालक मौके से भाग निकला है और उसकी तलाश की जा रही है।
शौचालय का प्रयोग करतीं तो नही होता हादसा
गोठवारा पूरे नौवाढाक की हादसे के बाद लोगों में चर्चा है कि पीड़ित घर शौचालय बना है। मृतका के पिता दो भाई हैं। दोनों को सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2017-18 में शौचालय का धन मिला और बना भी है। लेकिन रखरखाव के अभाव में निष्प्रयोज्य पड़ा हुआ है। गांव के लोगों का कहना है कि यदि शौचालय का प्रयोग किया जा रहा होता तो इस प्रकार की दुर्घटना नहीं होती।