लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में बन रहे 573 बेड वाले एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई पीजीआई की 104वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में सेंटर के लिए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के पदों की मंजूरी दे दी। इसमें 131 डॉक्टर, 483 रेजिडेंट डॉक्टर्स, 1,540 नर्स और टेक्नीशियन, 160 आउटसोर्सिंग स्टाफ के पद शामिल हैं।
संस्थान के रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेई ने बताया कि अब जल्द ही विज्ञापन निकालकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका पहला चरण अक्तूबर में शुरू होगा। पहले चरण में 15 विभागों के 293 बेड पर बच्चों की भर्ती और उपचार शुरू किया जाएगा। इस सेंटर की खास बात यह है कि यहां बच्चों से जुड़े 24 विभाग एक ही छत के नीचे होंगे, जो इसे उत्तर भारत का सबसे बड़ा पीडियाट्रिक सेंटर बनाता है। लोक भवन में आयोजित इस बैठक में पीजीआई निदेशक डॉ. आर.के. धीमान, डीन डॉ. शालीन कुमार, डीजीएमई और अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य मौजूद रहे।
पहले चरण में शामिल प्रमुख विभाग
जनरल पीडियाट्रिक्स, पल्मोनरी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, मेडिकल जेनेटिक्स, नियोनेटोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, सर्जरी, क्रिटिकल केयर और रेडियोलॉजी यूनिट।