यूपी विधानसभा की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। बुधवार को यहां मानसून सत्र के दौरान 60 ग्राम संदिग्ध पाउडर मिला। एफएसएल टीम ने जांच के बाद इसके विस्फोटक होने की पुष्टि की है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र के दौरान कहा कि नेता प्रतिपक्ष की सीट से तीसरी नंबर की सीट पर पुड़िया में मिला पदार्थ पीईटीएन है। ये गंभीर मामला है एनआईए को इसकी जांच करनी चाहिए। वहीं विधानसभा चीफ सुरक्षा मार्शल मनीष चंद्र ने इस मामले की तहरीर दी, एसएसपी लखनऊ ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
बता दें की पीईटीएन काफी शक्तिशाली विस्फोटक होता है। इसका प्रयोग आतंकवादी ट्रेन में धमाके के लिए करते हैं। 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके में पीईटीएन का इस्तेमाल किया गया था।
गौरतलब है कि विधानसभा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के साथ मेटल डिटेक्टर भी लगे रहते हैं। ऐसे में विस्फोटक वहां पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का नतीजा है। ये विस्फोटक नीले रंग की पॉलीथिन में रखा था।
इस मामले की जांच एटीएस को सौंप दी गई है। बता दें कि 15 अगस्त को विधानसभा को उड़ाने की धमकी देने वाले एक संदिग्ध फरहान अहमद को देवरिया पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है।
वहीं, विधानसभा की सुरक्षा में हुई चूक पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। वहीं मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। विधानसभा की सुरक्षा पुख्ता है। सीएम ने सुरक्षा को लेकर रूटीन रिव्यू मीटिंग बुलाई है।