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Lucknow News: चालक हड़ताल पर, खड़ी रहीं 60 सिटी बसें

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दुबग्गा डिपो के गेट पर नारेबाजी करते बस चालक।
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लखनऊ। नियोक्ता कंपनी बदले जाने के कारण वेतन कम हो जाने से नाराज बस चालकों ने बुधवार को दुबग्गा डिपो में हड़ताल कर दी। इससे 60 बसें डिपो से नहीं निकल सकीं। इस कारण शहरभर में करीब आठ हजार यात्री परेशान हुए।
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सिटी बसों का संचालन दुबग्गा डिपो से होता है। बुधवार सुबह चालकों ने गेट पर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने बताया कि ए-वोल्ट कंपनी के अधीन चार वर्ष से काम कर रहे थे, लेकिन एक अक्तूबर से बगैर किसी पूर्व सूचना के नियोक्ता कंपनी बदल दी गई। उन्हें हंसा प्राइवेट लिमिटेड के अधीन कर दिया गया। पहले उनका बेसिक वेतन 13,547 थी, लेकिन नई कंपनी ने इसे सात हजार रुपये कर दिया, जबकि मुख्यमंत्री का आदेश है कि बेसिक वेतन 18,600 रुपये हो।

इसके अलावा चार वर्ष की ग्रेच्युटी, बोनस, एरियर और इंक्रीमेंट नीति पर भी कंपनी चुप है। चालकों ने बताया कि डिपो से 75 बसें चलती हैं, जिनमें से 60 का संचालन ठप रहा। चालकों की ओर से मांग की गई कि वेतन व इंक्रीमेंट के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए। ग्रेच्युटी, बोनस और एरियर का तत्काल भुगतान हो। ओवरटाइम व अतिरिक्त ड्यूटी का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। त्योहारों पर दो शिफ्ट की ड्यूटी व्यवस्था फिर से लागू हो। सड़क पर बसें खराब होने पर तत्काल तकनीकी सहायता मिले। नई कंपनी वर्दी, जूते, आईडी कार्ड और फर्स्ट एड किट भी दे।
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कानपुर से चालक बुलाकर चलवाईं 15 बसें

दुबग्गा डिपो में चालकों की हड़ताल को देखते हुए सिटी ट्रांसपोर्ट प्रशासन ने कानपुर से चालक बुलवाए। इसके बाद करीब 15 बसों का संचालन हो सका। बाकी बसें डिपो से नहीं निकल पाईं। सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी आरके त्रिपाठी का कहना है कि देर शाम तक कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत होती रही। चालकों की समस्याओं को निस्तारित करवाने के प्रयास हो रहे हैं।

दुबग्गा डिपो के गेट पर नारेबाजी करते बस चालक।

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