बुंदेलखंड के ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क से 31 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी तरह गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना से चरणबद्ध तरीके से 25 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इन दोनों प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने से 56 हजार रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। इन प्रोजेक्ट के लिए केंद्र से अनुमति मांगने की कार्यवाही चल रही है।
प्रदेश सरकार ने बल्क ड्रग पार्क के लिए यूपीसीडा और मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को स्टेट इंप्लीमेंटेशन अथॉरिटी (एसआईए) नामित किया है। यूपीसीडा के एमडी मयूर माहेश्वरी और यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह ने इन प्रोजेक्ट की स्थापना से जुड़ी कार्ययोजना सरकार के समक्ष पेश कर दी है। दोनों प्रोजेक्ट के लिए कई तरह के पॉलिसी पैकेज पर विचार हो रहा है।
सूत्रों ने बताया कि दो करोड़ रुपये तक ब्याज सब्सिडी, 10 वर्ष तक नियमानुसार एसजीएसटी रिफंड व स्टांप ड्यूटी के साथ रजिस्ट्रेशन चार्ज से भी छूट देने की योजना है। पेटेंट व क्वालिटी सर्टिफिकेशन पर सब्सिडी के अलावा फ्रेट व एयर कार्गो हैंडलिंग चार्ज पर फार्मा पॉलिसी के अनुसार छूट देने की योजना है। बल्क ड्रग पार्क के लिए ईपीएफ प्रतिपूर्ति की सुविधा भी देने की योजना है।
बल्क ड्रग पार्क में 24 हजार करोड़ का होगा निवेश
ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क पर 24 हजार करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। यूपीसीडा इसे मॉडल औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। 2060 एकड़ में स्थापित होने वाले इस पार्क को हवाई संपर्क व पोर्ट से जोड़ने के साथ ही वहां जल आपूर्ति, पाइप नेचुरल गैस, डिजिटल फाइबर कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी। वहां 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइन स्थापित करने की योजना है। इस पर 61 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पंपिंग स्टेशन के साथ चेक डैम रिजर्वायर की सुविधा पर 60 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। ललितपुर एयरपोर्ट के विकास पर 50 करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया गया है। इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने के लिए 46 डीआरडीओ लैब, 43 सीएसआईआर लैब से सहमति ली जाएगी। पूरी व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म भी विकसित किया जाएगा।
मेडिकल डिवाइस पार्क पर 5250 करोड़ होगा निवेश
गौतमबुद्धनगर में 350 एकड़ में प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क पर दो चरणों में 5250 करोड़ रुपये निवेश की योजना है। पहले चरण में 3000 करोड़ निवेश होगा और 120 इंडस्ट्रियल प्लाट पर इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है। दूसरे चरण में 90 इकाइयों की स्थापना होगी और 2250 करोड़ रुपये निवेश होगा। यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-28 में प्रस्तावित इस पार्क से जेवर एयरपोर्ट की दूरी बमुश्किल चार किमी. होगी। यहां पानी-बिजली की सुविधा के साथ पार्क को ओपन एक्सेस से बिजली का विकल्प भी देने की योजना है। स्किल्ड मैनपावर के लिए एक स्किल डवलपमेंट सेंटर भी प्रस्तावित है। पार्क से एक किमी. दूर इसके लिए जमीन चिह्नित की गई है। जेवर एयरपोर्ट के विकास के बाद वहां 500 हेक्टेयर जमीन पर एविएशन हब भी विकसित करने की योजना है।