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Lucknow News: 55 क्विंटल मैदा सीज, 950 किलो कीड़ों वाली सूजी नष्ट

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55 क्विंटल मैदा सीज, 950 किलो कीड़ों वाली सूजी नष्ट
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शैलखड़ी (सोप स्टोन) व चावल की मिलावट की शिकायतों के बाद पांच टीमों का अभियान, 10 नमूने जांच के लिए भेजे
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। आटे में शैलखड़ी (सोप स्टोन) और चावल की मिलावट की शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की पांच टीमों ने पांच फ्लोर मिलों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान 55 क्विंटल बिना पैकेजिंग व लेबलिंग वाला मैदा सीज किया गया, जबकि 950 किलो कीड़ों से ग्रसित सूजी नष्ट कराई गई। कई मिलों में साफ-सफाई, भंडारण, पैकेजिंग और रिकॉर्ड रखने में गंभीर अनियमितताएं भी मिलीं।
काकोरी स्थित आतिश फ्लोर मिल में तीन आटे के नमूने लिए गए। यहां 19 बोरियों में रखी 950 किलो सूजी में कीड़े मिले, जिसकी बाजार कीमत करीब 38 हजार रुपये थी। इसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा परिसर में गंदगी और खाद्य पदार्थों का भंडारण भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला।
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बीकेटी स्थित केजार एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में प्रोसेसिंग एरिया में साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं मिला। वहीं, मोहनलालगंज रोड स्थित नारायण फ्लोर मिल से आटा, मैदा और सूजी के नमूने जांच के लिए लिए गए।
राम निवास फ्लोर मिल प्राइवेट लिमिटेड में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। यहां 110 बोरियां (करीब 55 क्विंटल) मैदा बिना अनिवार्य पैकेजिंग और लेबलिंग के मिला, जिसे करीब 1.65 लाख रुपये कीमत के साथ सीज कर दिया गया। निरीक्षण में कच्चे माल के भंडारण, मिलिंग, पैकेजिंग और तैयार उत्पादों के रखरखाव में भी कई कमियां मिलीं।
सरोजनी नगर स्थित अयोध्या फ्लोर मिल और यूपी रोलर फ्लोर मिल में आटे का उत्पादन नहीं बल्कि केवल मैदा और रवा का निर्माण मिला। दोनों इकाइयों से मैदा के नमूने लिए गए। यहां भी साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में खामियां मिलने पर सुधार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
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सहायक आयुक्त खाद्य विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान आटे में शैलखड़ी (सोप स्टोन) और चावल की मिलावट की आशंका की जांच के लिए 10 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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