बहराइच। गोंडा से बहराइच के बीच दो साल से लटके आमान परिवर्तन के पूूरे होने की आस जगी है। शनिवार को डीआरएम ने टीम के साथ मोटर ट्रॉली से बहराइच से गोंडा के बीच ब्राडगेज काम का निरीक्षण किया।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त का दौरा 14 व 15 जून को संभावित है। इसके बाद एक माह में ट्रेनों को चलाने की कवायद शुरू हो जाएगी।
गोंडा से बहराइच के बीच लगभग दो साल से आमान परिवर्तन का काम तेजी से हो रहा था। रेलवे के संरक्षा विभाग की ओर से अभी तक ट्रैक का निरीक्षण नहीं किया गया था।
बीते अप्रैल में दौरा संभावित था। मगर अचानक उसे रद्द कर दिया गया। अब पुन: मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त का दौरा 14 व 15 जून को होने वाला है।
शनिवार को पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की मंडल रेल प्रबंधक विजय लक्ष्मी कौशिक ने गोंडा- बहराइच के मध्य हो रहे आमान परिवर्तन संबंधी कार्यों का निरीक्षण किया।
वे सड़क मार्ग से बहराइच पहुंची। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मोटर ट्रॉली द्वारा गोंडा, विशेश्वरगंज, पयागपुर, गंगाधाम, चिलवरिया व बहराइच के मध्य पड़ने वाले स्टेशनों के सरकुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म तथा समपारों का निरीक्षण किया।
डीआरएम ने बताया कि संरक्षा आयुक्त के दौरे से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। सुरक्षा से जुड़े हर पहलू का गहनता से अध्ययन करते हुए कमी पूरे करने के निर्देश दिए। बहराइच रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (द्वितीय) वीपी सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक विजय सिंह, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर दीपू श्याम, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर राघवेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक मदन मोहन प्रसाद, आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक रुपेश शुक्ला व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।