बहराइच/नानपारा। आरक्षण दबे, कुचले और असहाय वर्ग का अधिकार है। उसी के लिए संघर्ष कर रही हूं। सदन में आवाज उठाई है। संविधान में भी दबे, कुचलों के उत्थान की व्यवस्था है। उसी की मांग कर रही हूं। किसी भी सरकार से दुश्मनी नहीं है। यह कहना है सांसद सावित्रइबाईफुले का।
नानपारा के अंबेडकर परिवर्तन पार्क में बुधवार को हुई आरक्षण संरक्षण महा सम्मेलन के बाद अमर उजाला से बातचीत के दौरान सावित्रीबाईफुले ने कहा कि मैं भाजपा की सांसद हूं। इसका मुझे गर्व है। लेकिन सरकारों से मेरी कोई दुश्मनी नहीं है। प्रदेश और केंद्र में मेरी सरकार है। इसके पूर्व में भी सरकारें देश चलाती रही हैं। लेकिन हालात यह हैं कि आज भी दलित, अपने हक और अधिकार के लिए भटक रहे हैं। इसी के चलते नमो बुद्धाय जनसेवा समिति के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आरक्षण और संविधान को संरक्षित करने के लिए हुंकार भरी है। यह हुंकार सदन में भी भर चुकी हूं। लेकिन आश्वासन भर मिला। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्ग को आरक्षण संविधान कोटे के अनुरूप मिलना चाहिए। इसकी पैरवी कर रही हूं, लेकिन इसकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर चाहे मेरी सरकार हो या दूसरे की, सभी को ध्यान देना होगा।