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एक माह से भूखे लौट रहे 30 स्कूलों के 4123 नौनिहाल

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गोंडा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए संचालित मिड-डे मील योजना खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। नवंबर में जिले के 30 सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बनवाया गया। अफसरों व शिक्षकों की लापरवाही से इन स्कूलों में पढ़ने वाले 4123 नौनिहालों को भूखे पेट लौटना पड़ा। मध्यान्ह् भोजन के जिला समन्वयक ने जब योजना के संचालन की निगरानी कर रही आईवीआरएस सिस्टम की समीक्षा की तो इसका खुलासा हुआ। डीसी एमडीएम की इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने इन स्कूलों के शिक्षकों/मिड-डे मील प्रभारियों का नवंबर का वेतन रोक दिया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों के अलावा राजकीय व एडेड स्कूलों में जूनियर स्तर तक के बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ दोपहर का भोजन देने की योजना भी संचालित है। मध्यान्ह् भोजन प्राधिकरण आईवीआरएस सिस्टम के जरिए इस योजना की निगरानी करता है। स्कूल के शिक्षकों/मिड-डे मील प्रभारियों को रोजाना योजना के संचालन की रिपोर्ट इस आईवीआरएस सिस्टम पर फीड करानी होती है। साथ ही स्कूलों में योजना के संचालन का स्थलीय निरीक्षण करने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। मगर जिम्मेदार अफसर इसकी निगरानी नहीं करते, जिससे स्कूलों में भोजन नहीं बनता। मिड-डे मील न बनने की शिकायत पर एक से 25 नवंबर के बीच स्कूलों में मिड-डे मील बनने को लेकर आईवीआरएस सिस्टम पर दर्ज सूचनाओं की समीक्षा की गई तो पता चला कि इस अवधि में नगर शिक्षा क्षेत्र के तीन इंटर कॉलेजों गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, मारवाड़ इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मिड-डे मील योजना ठप रही। इसके अलावा करनैलगंज, हलधरमऊ, इटियाथोक, झंझरी, कटरा बाजार, मनकापुर, नवाबगंज, पंडरी कृपाल, परसपुर व तरबगंज के 27 परिषदीय स्कूलों में भोजन नहीं बना। इस लापरवाही से यहां अध्ययनरत 4123 नौनिहालों को भूखे पेट लौटना पड़ा। मध्यान्ह् भोजन के जिला समन्वयक गणेश गुप्ता ने यह समीक्षा रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी थी। इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने इन स्कूलों के शिक्षकों/मिड-डे मील प्रभारियों का नवंबर का वेतन रोकने का निर्देश वित्त एवं लेखाधिकारी को दिया है। बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने कहा कि मिड-डे मील योजना की समीक्षा में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है। भोजन न बनने से 30 स्कूलों के 4123 बच्चों को भूखे पेट लौटना पड़ा। इसे लेकर इन सभी शिक्षकों का वेतन रोका गया है। साथ ही संबंधित ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को भी चेतावनी जारी की गई है।

18 नवंबर को 172 स्कूलों में नहीं एमडीएम
आईवीआरएस सिस्टम की समीक्षा में 18 नवंबर को जिले के 172 स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बना। इस दिन अकेले करनैलगंज के 92 स्कूलों में भोजन नहीं बनाया गया। करनैलगंज के बीईओ का तर्क है कि खेल प्रतियोगिता के आयोजन होने के कारण मिड-डे मील नहीं बनाया गया। इस तर्क पर बीएसए ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए निर्देश दिया है कि अब आगे से किसी भी आयोजन पर मिड-डे मील योजना को बंद नहीं किया जाएगा।
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एमडीएम का डाटा न देने पर पांच बीईओ फंसे
एमडीएम का डाटा पोर्टल पर न फीड कराने के मामले में पांच बीईओ फंस गए हैं। डाटा फीडिंग में इनकी लापरवाही सामने आई है। बीएसए ने बताया कि इस सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से वर्ष 2017-18 का अक्तूबर का मिड-डे मील का डाटा भारत सरकार के पोर्टल पर फीड कराने का निर्देश दिया गया था, मगर बेलसर, करनैलगंज, मनकापुर, तरबगंज व बभनजोत के खंड शिक्षा अधिकारियों ने लापरवाही दिखाते हुए डाटा फीड नहीं कराया। इस संबंध में उन्हें कई बार रिमाइंडर भेजा गया, मगर डाटा फीडिंग नहीं कराई गई। बीएसए ने बताया कि इन खंड शिक्षा अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर डाटा फीडिंग का अल्टीमेटम दिया गया है।
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