लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। राजधानी में कुल 129 परीक्षा केंद्रों पर हजारों प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा में सिर्फ 48.80 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी।
परीक्षा के लिए नोडल बनाई गईं एडीएम नागरिक आपूर्ति ज्योति गौतम ने बताया कि लखनऊ में कुल 61,501 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें 30,066 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। 31,440 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। परीक्षा सकुशल संपन्न हुई।
प्रतिभागियों के अनुसार, परीक्षा में हिंदी विषय ने राहत दी। पर्यायवाची, विलोम और व्याकरण जैसे प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे, जिससे परीक्षा का तनाव कुछ हद तक कम हुआ। दूसरी ओर, सामान्य अध्ययन, इतिहास और राजनीति विज्ञान से जुड़े प्रश्नों ने प्रतिभागियों को गहराई से सोचने को विवश किया। करेंट अफेयर्स और उत्तर प्रदेश से संबंधित सवाल इस बार अधिक संख्या में पूछे गए।
इससे पहले परीक्षा का आयोजन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुआ, जबकि रिपोर्टिंग का समय सुबह 8 बजे निर्धारित था। 9 बजे केंद्रों के दरवाजे बंद कर दिए गए। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय रहा। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने लखनऊ विश्वविद्यालय के पीजी ब्लॉक में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर ने किया सहयोग
सिविल डिफेंस वॉलिंटियर ने परीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वॉलिंटियर रामगोपाल सिंह ने अभ्यर्थियों को केंद्र भेजने में मदद की। बड़ी संख्या में वार्डनों ने कर्तव्यों का निर्वहन किया। कैंप में एडीएम, डीसीपी पश्चिम, एडीसीपी, डिप्टी डिविजनल वार्डन, स्टॉफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन, डिविजनल वार्डन, पोस्ट वार्डन एवं सेक्टर वार्डन मौजूद रहे।