लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अलीगंज क्षेत्र में भू-उपयोग के विपरीत बनी 51 अवैध बिल्डिंगों को सील करने की तैयारी में है। इन इमारतों के भू-स्वामियों को नोटिस जारी करने का काम शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की एक टीम पांच सितंबर को इन अवैध बिल्डिंगों की जांच के लिए शहर आएगी। उससे पहले एलडीए की ओर से चिन्हित अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने 7 अगस्त, 2026 को लखनऊ समेत अन्य महानगरों में अवैध निर्माण के प्रकरणों पर अधिकारियों को तलब किया था। 22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी में एक आवासीय भूखंड पर बने अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में अग्निकांड हुआ था। इस घटना पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। एलडीए ने कोर्ट को बताया कि अलीगंज में 51 व्यावसायिक निर्माण आवासीय भू-उपयोग के विपरीत बने हैं। कोर्ट ने इन सभी प्रकरणों में की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अपनी टीम से अलीगंज में अवैध निर्माणों का सर्वे कराने की बात कही थी।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के निर्देशों के पालन में कार्रवाई की योजना तैयार की गई है। विहित प्राधिकारी न्यायालय से निर्माण कार्यों से संबंधित वाद की फाइलें निकलवाई हैं। भवनों में अध्यासन की वर्तमान स्थिति पर एक प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की गई है। साथ ही कार्रवाई में लगने वाली मशीनरी और मानव संसाधन का भी आकलन किया गया है। जिन मामलों में सक्षम न्यायालय से कोई स्थगन आदेश जारी नहीं है उन पर नियमानुसार सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।