अस्पताल में बच्चे की मौत पर परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्चे को लगाए गए इंजेक्शन से पहले जांच तक नहीं कराई गई। नियम के अनुरूप यह इंजेक्शन लगाने से पहले मरीज की जांच कराई जाती है। परिजनों ने स्टाफ पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
राजधानी लखनऊ में ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में इलाज दौरान बच्चे की मौत के मामले की जांच में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। जांच में पता चला कि बच्चे को लगाए गए इंजेक्शन से दो गुना रकम वसूली गई। तीन दिन पहले मंगलवार को परिजनों ने सीएमओ आफिस जाकर शिकायत दर्ज कराई है।
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मामला ठाकुरगंज के दूध मंडी स्थित जंगली पीर बाबा की मजार के पास की है। यहां की रहने वाली सोमैया के बेटे जियान (3) को बुखार होने पर एक हफ्ते पहले शुक्रवार की रात 10 बजे ऑक्सीजन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
मृतक के मामा मोहम्मद रफी ने बताया कि उनका भांजा बुखार से पीड़ित था। अस्पताल में भर्ती करने के बाद राहत मिल गई थी। रविवार की शाम डॉक्टर ने 50 हजार रुपये का इंजेक्शन लगने की बात कही। बच्चे की मां सोमैया ने जेवर गिरवी रखकर रुपये का इंतजाम किया।
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मामा मोहम्मद रफी का कहना है इंजेक्शन लगते ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। सोमवार की सुबह करीब 6.30 बजे बच्चे की मौत हो गई। मंगलवार को परिजन सीएमओ आफिस पहुंचे। वहां सीएमओ से मिलकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। सीएमओ ने डॉ. बीएन यादव के नेतृत्व में कमेटी बनाई। कमेटी ने अस्पताल से बच्चे के इलाज से जुड़े दस्तावेज तलब किए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है जांच में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।