प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में 50 फीसदी पद भर चुके हैं। यह जानकारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से दी गई है। हालांकि अभी सभी जिलों का ब्यौरा नहीं आया है।
एससीईआरटी के मुताबिक अब तक 30 जिलों ने दूसरी काउंसलिंग में भरे गए पदों का ब्यौरा उपलब्ध करा दिया है। अन्य जिलों को जल्द से जल्द सूचना देने को कहा गया है। जानकारों की मानें तो तीसरी काउंसलिंग में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है।
सभी जिलों से भरे और रिक्त पदों का ब्यौरा मिलने के बाद ही एससीईआरटी, नेशनल इनफार्मेटिक सेंटर (एनआईसी) को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके बाद तीसरे चरण की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए अब तक दो चरणों की काउंसलिंग हो चुकी है। पहले चरण में मात्र सात फीसदी अभ्यर्थियों ने ही प्रमाण पत्रों का मिलान कराया था।
इसके बाद 22 से 30 सितंबर तक दूसरे चरण की काउंसलिंग कराई गई। इसमें दस गुना अभ्यर्थियों को बुलाया गया। फिर भी रिक्तियां नहीं पूरी हो सकीं। एससीईआरटी ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों से दूसरी काउंसलिंग में भरे पदों और रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा था।
जिलो में सीटों की संख्या
पीलीभीत व चंदौली 1200-1200, सोनभद्र 1250, बरेली, सुल्तानपुर 1400-1400, इलाहाबाद, जौनपुर 1500-1500, बदायूं 1600, मिर्जापुर 1650, बलरामपुर 1700, सिद्धार्थनगर 2000, गाजीपुर 2400, महराजगंज, आजमगढ़ 2500-2500, शाहजहांपुर 2800, हरदोई 3000, कुशीनगर, बहराइच 3600-3600, गोंडा 4000 तथा सीतापुर और लखीमपुर में 6000-6000 पद हैं।
जानकारों की मानें तो अधिक पद वाले जिलों में सामान्य और आरक्षित वर्ग की अधिकतर सीटें भर गई हैं। इसलिए तीसरे चरण में अधिक मेरिट गिरने की उम्मीद लगाए बैठे कम अंक वालों को मायूसी हाथ लग सकती है।
सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता के अनुसार, प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीईटी प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने के बाद ही नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।
सचिव बेसिक शिक्षा ने कहा कि इससे धोखाधड़ी कर नौकरी पाने की चाहत रखने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि भर्ती के लिए 69 लाख आवेदन आए थे। कई आवेदकों ने तो 35 से 40 जिलों से अप्लाई किया था।
लगातार टलती रही भर्ती
शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन नवंबर 2011 में जारी हुए थे लेकिन भर्ती प्रक्रिया लगातार टलती रही पर अब पचास फीसदी लोगों को नौकरी मिलना सुखद संकेत माना जा रहा है।