लखनऊ। विभूतिखंड में जेएस टाॅवर में कॉल सेंटर खोलकर लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों ने 50 लाख रुपये म्यूल खातों में लिए थे। साइबर सेल की पूछताछ में गिरोह के सरगना हरदोई के शाहाबाद निवासी जीशान खान ने यह जानकारी दी।
साइबर सेल और विभूतिखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस को इनके पास से कई मोबाइल और लोगों के डेटा मिले थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक 25 म्यूल खातों की जानकारी मिल सकी है। पुलिस ने संबंधित बैंकों से इनके ग्राहकों का विवरण मांगा है। वहीं, पुलिस उस आरोपी की भी तलाश में हैं जो जीशान को फ्रेशवर्ल्ड.कॉम और शाइन.कॉम से नौकरी के लिए आवेदकर्ताओं का डेटा दिलाता था। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जल्द ही रायबरेली, आजमगढ़ और दिल्ली रवाना होगी।
यह होता है म्यूल खाता
म्यूल खाता वह बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध रूप से प्राप्त रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए करते हैं। आमतौर पर अपराधी किसी व्यक्ति को नौकरी, कमीशन, ऑनलाइन कमाई या अन्य लालच देकर उसका बैंक खाता इस्तेमाल करते हैं। कई बार खाता धारक को पता भी नहीं होता कि उसके खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया जा रहा है।