उत्तर प्रदेश में रैपिड एंटीजन टेस्ट मामले में स्वास्थ्य विभाग पर उंगलियां उठने लगी हैं। वे लोग जिनमें कोरोना के लक्षण थे लेकिन एंटीजन टेस्ट में निगेटिव पाए गए थे, उनकी आरटीपीसीआर जांच नहीं कराई गई। जबकि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक ऐसे लोगों की आरटीपीसीआर जांच जरूरी थी।
प्रदेश में ऐसे लगभग 47 हजार लोग हैं, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। स्वास्थ्य विभाग अब इन लोगों की आरटीपीसीआर जांच कराने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना लक्षण वाले लगभग 97,248 मरीज थे। इनकी एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई थी। नियमानुसार लक्षणों के आधार पर इनकी आरटीपीसीआर जांच होनी चाहिए थी।
मगर स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ 50,092 लोगों की आरटीपीसीआर जांच कराई थी। शेष 47 हजार लोगों की यह जांच नहीं कराई गई। अब जब इस मामले का खुलासा हुआ तो बचे हुए लोगों की दो दिन में आरटीपीसीआर जांच कराने की तैयारी की जा रही है।