सूबे के प्रत्येक स्कूल में एक बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) वाले को शारीरिक शिक्षक बनाने के लिए करीब 46000 पदों की जरूरत होगी। वहीं इनके वेतन और अन्य मदों को मिलाकर सालाना 1800 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विचार-विमर्श के दौरान अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्य सचिव अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इसकी जानकारी देंगे,जिसके बाद निर्णय होगा।
बीपीएड डिग्रीधारी उच्च प्राइमरी स्कूलों में शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद भी उन्हें शिक्षक बनने के लिए पात्र मानता है,इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रहा है।