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कोरोना में माता-पिता या दोनों में से एक को खोने वाले 45 बच्चे चिह्नित

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लखनऊ। कोरोना की वजह से जिन बच्चों के सिर से माता-पिता या दोनों में से किसी एक का साया उठ गया है, उनकी जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। राजधानी में अब तक ऐसे 45 बच्चे चिह्नित किए जा चुके हैं और मासूमों की तलाश जारी है। इन बच्चों के आंकड़े एनजीओ, चाइल्ड लाइन व अन्य संगठनों के माध्यम से जुटाए जा रहे हैं। चाइल्ड लाइन ने जिन छह बच्चों को चिह्नित किया है, उनसे तात्कालिक जरूरत के बारे में पूछा गया तो कहा कि उन्हें पढ़ाई जारी रखनी है और कोई इसका खर्च उठा ले।
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पिता चले गए, मां कैसे उठाएगी खर्च
चिह्नित बच्चों में से दो अलीगंज के हैं। दोनों ही निजी स्कूल में पढ़ते हैं। कोरोना ने इनके पिता को छीन लिया। बच्चों का कहना है कि हमारी फीस बहुत ज्यादा है, ऐसे में मां के लिए खर्च उठाना संभव नहीं। लालकुआं के दो बच्चों जिनके पिता नहीं थे, कोरोना ने अब उनसे मां भी छीन ली। इन्हें भी पढ़ाई व फीस की चिंता है। अमेठी की 15 साल की बालिका के पिता की भी संक्रमण से मौत हो गई। वहीं, 15 साल की बालिका ने माता-पिता दोनों को खो दिया।
डिप्टी सीपीओ सर्वेश पांडेय व सीडब्ल्यूसी सदस्य डॉ. संगीता शर्मा कहती हैं कि इन बच्चों की काउंसिलिंग की जा रही है। ऐसे बच्चों को चिह्नित करने का प्रयास जारी है। फिलहाल हम अपने स्तर से इनकी मदद कर रहे हैं। एक बच्ची जो रिश्तेदार के पास है, खाने की जरूरत पर उसे राशन पहुंचाया गया। सरकारी योजना आते ही उसका लाभ इन तक पहुंचाया जाएगा।
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15 मंडलों में 800 एसे बच्चों का पता चला
अब तक लखनऊ समेत 15 मंडलों में 800 ऐसे बच्चों का पता लगाया जा चुका है, जिन्होंने कोरोना में माता या पिता या दोनों को खोया है। यह जानकारी राज्य बाल आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने दी। बताया कि इन सभी बच्चों से जुड़ी सामाजिक रिपोर्ट जुटाई जा रही है। जल्द ही यह सीएम योगी आदित्यानाथ को सौंपी जाएगी। आयोग की सदस्य डॉ. प्रीति वर्मा ने बताया कि हर 15 दिन में रिश्तेदारों के यहां संरक्षित बच्चों का फॉलोअप लेने का निर्देश है।
15 मंडलों में 800 ऐसे बच्चों का पता चला
अब तक लखनऊ समेत 15 मंडलों में 800 ऐसे बच्चों का पता लगाया जा चुका है, जिन्होंने कोरोना में माता या पिता या दोनों को खोया है। यह जानकारी राज्य बाल आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने दी। बताया कि इन सभी बच्चों से जुड़ी सामाजिक रिपोर्ट जुटाई जा रही है। जल्द ही यह सीएम योगी आदित्यानाथ को सौंपी जाएगी। आयोग की सदस्य डॉ. प्रीति वर्मा ने बताया कि हर 15 दिन में रिश्तेदारों के यहां संरक्षित बच्चों का फॉलोअप लेने का निर्देश है।
बालगृह की सभी 32 बच्चियां निगेटिव
हवन पूजन के बाद नाच-गाकर मनाई खुशी
लखनऊ। राजकीय बालगृह बालिका, मोतीनगर की संक्रमित 32 बालिकाओं की रिपोर्ट शुक्रवार को निगेटिव आ गई है। हालांकि, वे अभी दो-तीन दिन निरालानगर स्थित आइसोलेशन सेंटर में ही रहेंगी। रिपोर्ट निगेटिव आते ही सेंटर का माहौल बदल गया। कोरोना की दहशत गुम हो गई और हवन-पूजन व कुछ कार्यक्रम हुए। डॉ. संगीता शर्मा ने बताया कि हवन के बाद बच्चियों ने नाच-गाकर खुशी मनाई और सभी का अनूठे अंदाज में शुक्रिया कहा। इस दौरान राज्य बाल आयोग से डॉ. सुचिता चतुर्वेदी, सीडब्ल्यूसी सदस्य सुधा रानी, कार्यवाहक डीपीओ जयपाल वर्मा, डिप्टी सीपीओ सर्वेश पांडेय व अंशुमालि शर्मा के साथ सेवा भारती के विभाग प्रचारक संजय थे।
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