सरोजनी नगर में मदर डिपो बनाने के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) को बृहस्पतिवार को पीएसी से भूमि मिल गई।
कई दिनों से पीएसी और एलएमआरसी के अधिकारियों के बीच इसको लेकर वार्ता चल रही थी। भूमि पर कब्जा मिलने से एलएमआरसी यहां सबसे पहले कंस्ट्रक्शन यार्ड तैयार करेगा।
इससे पहले बुधवार को पीएसी की भूमि पर कब्जा पाने की एलएमआरसी के अधिकारियों की कोशिश नाकाम रही थी।
हालांकि पीएसी ने 9 सितंबर को ही भूमि पर कब्जा देने का वादा किया था। वहीं, एलएमआरसी की बोर्ड मीटिंग में मेट्रो के सिविल टेंडर को लेकर तकनीकी परीक्षण को अनुमोदित कर दिया गया।
अब अगले एक सप्ताह में कंपनी का चयन कर इस महीने के अंत तक सिविल कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे।
एलएमआरसी की ओर से फिलहाल यह जानकारी नहीं दी गई है कि आठ में से कौन-कौन सी कंपनियों को तकनीकी रूप से सक्षम पाया गया है।
पहली बार विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर प्रधान सलाहकार ई. श्रीधरन को भी बोर्ड में शामिल हुए। एलएमआरसी बोर्ड की नौवीं बैठक बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में निदेशक प्रमुख सचिव आवास सदाकांत, आयुक्त लखनऊ मंडल कुमार कमलेश, सचिव वित्त मुकेश मित्तल और एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने भाग लिया।
जबकि एलएमआरसी के प्रमुख सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल थे।
बैठक में श्रीधरन की उन सलाहों को भी मान लिया गया, जो उन्होंने 21 अगस्त को लखनऊ भ्रमण के दौरान दी थी।
अपने भ्रमण में श्रीधरन ने सितंबर आखिर में मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू करने के साथ ही 12 व 13 सितंबर को निदेशक के पद के लिए साक्षात्कार की सलाह दी थी।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा प्रथम चरण में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक मवैया रेलवे क्रासिंग के ऊपर बनने वाले 230 मीटर के पुल के लिए एलीवेटेड वायाडक्ट और रैंप के निर्माण के लिए प्राप्त निविदाओं के तकनीकी डॉक्यूमेंट को परीक्षण के बाद अनुमोदित कर दिया गया।