प्रदेश सरकार ने 44 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिलाधिकारियों को सूखा प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता करने का निर्देश दिया है।
31 मार्च 2015 तक किसानों से राजस्व वसूली स्थगित रहेगी और किसी भी तरह की बकाया वसूली के लिए उनका उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने सूखा प्रभावित जिलों के किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार से 6061 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है।
शासन ने जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सूबे के 75 में से 44 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया।
‘अमर उजाला’ ने 10 सितंबर के अंक में ही इसका खुलासा कर दिया था। 50 फीसदी से भी कम बरसात की वजह से किसानों को जबर्दस्त नुकसान की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह फैसला किया।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद शाम को ट्वीट के जरिये सरकार के फैसले की जानकारी दी।
उन्होंने फसलों के नुकसान के मुआवजे, कृषि निवेश, सिंचाई व पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ अस्पतालों में दवाओं की व्यवस्था आदि के लिए केंद्र सरकार से 6061 करोड़ रुपये की मांग की है।
प्रमुख सचिव राजस्व किशन सिंह अटोरिया ने बताया कि शासन के फैसले के साथ ही जिलाधिकारियों को सूखा कार्ययोजना लागू करने क निर्देश दे दिया गया है।
कृषि, पशुपालन, सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, लघु सिंचाई, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों को कार्ययोजना के अनुसार तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है।