वसूली का ऐसा भय नजर आया कि प्रदेश में पिछले माह 43 हजार लोगों ने यह कहते हुए अपने कार्ड सरेंडर कर दिए कि वह इसके पात्र नहीं हैं। मई माह में राशन कार्डों के सत्यापन का अभियान और तेजी से चल रहा है और माना जा रहा है कि मई के अंत तक यह आंकड़ा और ज्यादा होगा।
यदि कोई अपात्र हैं और उसने राशन कार्ड बनवाकर उस पर राशन लिया है तो उससे वसूली भी हो सकती है। इस बाबत सभी जिलों में सत्यापन का कार्य शुरू किया गया है। उधर विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों ने यह चेतावनी भी जारी कर दी कि ऐसे लोगों से गेहूं और चावल की बाजार की दर के हिसाब से वसूली की जाएगी। ऐसे में यदि कोई अपात्र है तो वह पहले ही अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें।
इस चेतावनी का यह असर आया कि अप्रैल माह में प्रदेश भर में 43 हजार लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए। अपर खाद्य आयुक्त अनिल दुबे के मुताबिक मई माह में भी लगातार लोग अपने कार्ड सरेंडर कर रहे हैं। यह अच्छा है कि लोग खुद ही सजगता बरत रहे हैं। हालांकि मई का आंकड़ा अप्रैल माह के आंकड़े को पीछे छोड़ सकता है क्योंकि मई में अभियान और तेजी से चलाया गया है।
इस तरह सरेंडर कर सकते हैं राशन कार्ड
एक प्रार्थनापत्र लिखें जिसमें लिखना होगा है कि वह कार्ड सरेंडर कर रहा है। इसमें इसका कारण भी लिखना होगा। मसलन, उसके पास अब कार आ गई है या एसी खरीद लिया है। लिहाजा अब वह इसका अपात्र है। इसके साथ राशन कार्ड एवं आधार कार्ड की प्रति लगाकर प्रार्थनापत्र जिला पूर्ति कार्यालय या तहसीलों में स्थित आपूर्ति कार्यालय में जमा करनी होगी।