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शोरूम खुले नहीं, बिक गईं 4208 बाइक और कारें

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नरेश शर्मा
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लखनऊ। दो मई से आठ जून तक कोरोना कर्फ्यू में जब आवश्यक वस्तुओं को छोड़ सभी ट्रेड के शोरूम, दुकानों पर पूरी तरह से तालाबंदी का आदेश था, उस दौरान भी राजधानी में चार हजार से अधिक बाइक और कारें बिक गईं।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ में मई में 4208 बाइक एवं काराें का रजिस्ट्रेशन हुआ। इनमें दो-दो लाख रुपये की बाइक एवं 40-40 लाख की कारें शामिल हैं। बिके वाहनों में 2775 बाइक एवं 1433 कारें हैं। इनका डीलर्स प्वाइंट पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद दस्तावेज की फाइल ऑनलाइन आरटीओ भेज दी गई। आरटीओ में बिके वाहनों के दस्तावेज पहुंचे तो इन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर भी आवंटित कर दिए गए।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अखिलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के समय बिकी बाइक व कारों के रजिस्ट्रेशन होने पर उन्होंने डीलरों से सवाल किया था। इस पर कई ने दावा किया कि जो वाहन बिके उनकी एडवांस बुकिंग थी तो गोदाम से डिलीवरी कर दी गई। डीलरों ने कहा कि शोरूम नहीं खोला गया। गौरतलब है कि डीलर हर माह 12 हजार से अधिक वाहन बेचते हैं। आरटीओ के रजिस्ट्रेशन अनुसार इनमें 9000 दोपहिया एवं 3000 कारें होती हैं।
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आरटीओ की भी हुई आमदनी
कोरोना कर्फ्यू में बिके वाहनों से आरटीओ की लगभग 13.20 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। इसमें कारों के रजिस्ट्रेशन से 11.12 करोड़ और बाइकों से मिला 2.8 करोड़ रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क शामिल हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) लखनऊ संभाग आरपी द्विवेदी ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान आरटीओ कार्यालय खुला था। डीलर्स प्वाइंट पर बिकी बाइक व कार का रजिस्ट्रेशन करने के बाद आरटीओ में ऑनलाइन फाइल भेजी गई थी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर का आवंटन कर ऑनलाइन ही डीलरों को भेज दिया गया। मई में कुल 4208 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
वाहनों का रजिस्ट्रेशन
माह वाहन संख्या
अप्रैल बाइक 5577
अप्रैल कार 3288
मई बाइक 2775
मई कार 1433
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