हर्ष फायरिंग मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सूबे के 42 अहम जगहों को असलहा मुक्त क्षेत्र (आर्म फ्री जोन) घोषित कर दिया है।
न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ के समक्ष शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा ने गुरुवार को इस नई व्यवस्था वाले शासनादेश के साथ जवाबी हलफनामा दाखिल किया, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया।
हर्ष फायरिंग मामले में लंबित याचिका पर सुनवाई कर रही इस खंडपीठ ने गत 13 नवंबर को प्रदेश की अहम जगहों को ‘आर्म फ्री जोन’ घोषित किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट करने के निर्देश शासकीय अधिवक्ता को दिए थे।
साथ ही हर्ष फायरिंग की बढ़ रही घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने को कहा था। कोर्ट के इस आदेश के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार ने गत 29 दिसंबर को शासनादेश जारी कर 42 अहम जगहों को आर्म फ्री जोन घोषित किया है।
यहां नहीं ले जा सकेंगे असलहे
इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ, राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन एवं उप्र सचिवालय के सभी भवन, सभी जिला/अधीनस्थ न्यायालय, बैंक, बीमा कार्यालय एवं डाकघर, कारागार, हवाई अड्डे, अयोध्या, वाराणसी व मथुरा के तीन प्रमुख धार्मिक स्थल, ताजमहल, सभी सिनेमाहॉल, शॉपिंग मॉल्स, सरकारी व निजी अस्पताल, शासकीय और निजी शिक्षण संस्थान, सरकारी दफ्तर, अधिसूचित सार्वजनिक पार्क तथा इंटेलीजेंस ब्यूरो नई दिल्ली की ओर से चिह्नित सूबे के 26 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान।