रायबरेली। समाज कल्याण निदेशालय में दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11 व 12 को छोड़कर) में 2605 आवेदन संदिग्ध मिले हैं। मामला पकड़ में आने के बाद आवेदनों को दोबारा जांच के लिए समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराया गया। इसमें 419 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जांच में 899 आवेदन सही मिले। शेष बचे 1287 आवेदनों की जांच चार दिन में पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई गई। स्कूलों से स्वीकृत होने के बाद आवेदनों को निदेशालय भेजा गया। निदेशालय के स्तर पर जांच में 2605 आवेदनों में खामियां मिलीं। नाम, पते, कोर्स, अन्य प्रमाणपत्र सहित खामियां मिलने पर डाटा दोबारा जांच के लिए समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराया गया है।
समाज कल्याण विभाग ने संबंधित डॉटा संबंधित शैक्षिक संस्थानों को भेजकर पांच मार्च तक जांच कर आवेदनों को अग्रसारित करने के आदेश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी सृष्टि अवस्थी ने बताया कि सामान्य वर्ग के 2518 संदिग्ध आवेदनों में 250 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।
920 आवेदनों की जांच चल रही है। इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग के 2087 संदिग्ध आवेदनों में 169 निरस्त किए जा चुके हैं। 367 आवेदनों की जांच चल रहा है। अब तक संदिग्ध मिले डाटा में 899 आवेदनों में कमियों को दूर कराकर अग्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच मार्च तक जांच के बाद सही डाटा निदेशालय को भेजा जाएगा।