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बेकाबू कुतों ने फिर किया हमला, दो बच्चे व किसान जख्मी

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मछरेहटा में संघर्ष के दौरान किसान ने एक कुत्ते को फावड़े से मार डाला
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सीतापुर/खैराबाद। सदर तहसील क्षेत्र में आदमखोर कुत्ते बेकाबू हो गए हैं। इन्हें काबू में करने के प्रशासन के सारे इंतजाम पूरी तरह नाकाफी साबित हुए हैं। शायद यही वजह है कि बुधवार को भी कुत्तों के झुंड ने दो स्थानों पर हमला बोला। पहला हमला खैराबाद में दो बच्चों पर बोला। दोनों जख्मी बच्चों का इलाज सीएचसी में कराया गया है।

मछरेहटा में भी कुत्तों के झुंड ने एक किसान पर हमला बोल दिया। किसान भी कुत्तों से भिड़ गया। इस दौरान किसान ने आत्मरक्षा में एक कुत्ते को मार डाला। हालांकि कुत्तों के हमले में किसान गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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महोली के ग्राम पिपरी निवासी रामलोटन का पुत्र लवकुश (6) अपने ननिहाल खैराबाद के ग्राम कोडनी निवासी देवीदयाल के घर आया है। बुधवार सुबह लवकुश कोडनी निवासी गोवर्धन की पुत्री अंशिका (4) के साथ गांव के बाहर नित्यकर्म के लिए गया था।

इसी बीच कुत्तों ने दोनों बच्चों को गांव के बाहर ही घेर लिया। इससे पहले कि गांव के लोगों की नजर कुत्तों पर पड़ती, कुत्तों ने बच्चों पर हमला बोल दिया। बच्चों की चीख सुनते ही गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की तरफ दौड़े और कुत्तों को खदेड़कर दोनों बच्चों की जान बचाई।

लेकिन तब तक लवकुश गंभीर रूप से व अंशिका मामूली रूप से जख्मी हो चुकी थी। यहां से भगाने के बाद कुत्तों का झुंड मछरेहटा के ग्राम सकरारा पहुंच गया। बताते हैं कि सकरारा निवासी अरविंद (35) बुधवार दोपहर आम के बाग में सिंचाई के लिए सरायन नदी में पंपिंग सेट लगा रहा था।

इसी बीच कुत्तों का झुंड वहां पर पहुंच गया। अरविंद की माने तो वह कुत्तों से खुद को घिरा देख समझ गया कि उस पर हमला होने वाला है। इसलिए उसने फावड़ा उठाकर शोर मचाना शुरू कर दिया। तब तक कुत्तों ने उसके ऊपर हमला बोल दिया। अरविंद फावड़े से कुत्तों का मुकाबला करते हुए शोर मचाता रहा।

उसका शोर सुन गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और मौके पर पहुंचकर कुत्तों को खदेड़ा। लेकिन तब तक कुत्तों से संघर्ष में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो चुका था। वहीं अरविंद ने फावड़े से एक कुत्ते को मार भी डाला। घटना के बाद परिवारीजनों ने अरविंद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

यहां बता दें कि ये तीनों घटनाएं हकीकत बयां करने के लिए काफी हैं कि प्रशासन किस तरह से आदमखोर कुत्तों के आगे घुटने टेक चुका है। इन घटनाओं से कुत्तों के हमले में जख्मी होने वाले लोगों की संख्या 37 से बढ़कर 40 तक पहुंच गई है।

जवाब दे रही थी हिम्मत
ग्राम सकरारा निवासी अरविंद घटना को बयां करते वक्त कांप उठा। उसने बताया कि उसने अखबारों में पढ़ रखा था कि आदमखोर कुत्तों का झुंड कहर बरपा रहा है। यही वजह रही कि जैसे ही कुत्तों का झुंड सामने आया वह समझ गया कि यह वही झुंड है, जो लोगों पर हमला करता है।

अरविंद की मानें तो वह कुत्तों का सामना कर तो जरूर रहा था लेकिन जिस तरह से समय बीत रहा था उसकी हिम्मत जवाब देती जा रही थी। अगर समय से गांव के लोग न पहुंचते, तो शायद वह कुत्तों का निवाला बन चुका होता।

चेहरे पर कर रहे थे वार
अरविंद का कहना है कि कुत्ते उसके चेहरे पर उछलकर वार कर रहे थे। कुत्ते उसको गिराना चाह रहे थे लेकिन अरविंद को पता था कि अगर वह भागा और गिर गया तो कुत्तों से बच पाना मुश्किल होगा। ऐसे में एक ही विकल्प था कि सामने डटे रहो और कुत्तों का सामना करते रहो। अरविंद की मानें की झुंड में हर कुत्ता चेहरे पर ही वार करने की फिराक में था।

मैंने देखा, कुत्ते ही हैं
अरविंद से जब सवाल किया गया कि उसने उन जानवरों को पहचाना जिसने हमला किया। तो अरविंद का कहना था कि वह जानवरों को अच्छी तरह से पहचानता है। हमला करने वाले कुत्ते ही थे। वे एक के बाद एक करके हमला बोल रहे थे।

जान पर बनी, तो मार डाला
अरविंद का कहना था कि उसने झुंड को डराकर भगा देने का मन बनाया था लेकिन कुत्ते उसे अकेला पाकर उसकी जान लेने पर ही आमादा हो गए। ऐसे में एक कुत्ता बड़ी तेजी से हमला कर रहा था। यह वही कुत्ता था, जो इस संघर्ष में अपनी जान गंवा बैठा। अरविंद का कहना है कि अगर वह उस कुत्ते को न मारता तो निश्चित ही वह कुत्ता अरविंद को मार डालता।
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कुत्ते ने दो को काटा
रेउसा। कस्बा निवासी मन्नान (50) मंगलवार की शाम नमाज पढ़ने जा रहा था। इसी बीच उसे एक पागल कुत्ते ने काट लिया। इससे मन्नान जख्मी हो गया। दूसरी तरफ महमूदाबाद मार्ग निवासी रामेश्वर चौधरी को भी कुत्ते ने काटा है। दोनों का इलाज कस्बे की सीएचसी में कराया गया है।
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