बहराइच। डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल का असर पड़ना शुरू हो गया है। जिले के लगभग 450 ग्रामीण डाकघरों में ताले लटक रहे हैं। डाक सेवकों की हड़ताल से व्यवस्था चरमरा गई है।
डाक वितरण का काम पूरी तरह से ठप सा हो गया है। जमा-निकासी, पार्सल आपूर्ति के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, हड़ताल का असर पेंशन धारकों पर नहीं पड़ रहा है।
ग्रामीण डाक सेवक राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। डाक सेवकों के हड़ताल पर जाने के कारण डाक सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं।
बहराइच के लगभग 450 ग्रामीण डाकघरों में पूरी तरह से ताले लटक रहे हैं। डाक सेवक सातवें वेतनमान आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किए जाने से आक्रोशित हैं।
बुधवार को भी डाक सेवकों ने अध्यक्ष रामसहारे पाठक और मंडलीय सचिव शीतला प्रसाद ओझा की अगुवाई में प्रधान डाकघर परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया।
डाक सेवकों की हड़ताल के दूसरे दिन प्रधान डाकघर समेत उप डाकघरों में कामकाज ठीक चला। मगर ग्रामीण क्षेत्रों में डाक व्यवस्थाएं पटरी से उतरती नजर आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्पीड पोस्ट आदि का वितरण नहीं हो पा रहा है।
काम जो हो रहे प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघरों में जमा-निकासी काम बंद हो गया है। डाक वितरण का काम भी बंद है। सुकन्या समृद्धि खाते, सावधि जमा (आरडी), बचत पत्र, स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
शिवपुर और खैरीघाट से डाक सेवक ही डाक आदि लेकर नानपारा आते हैं। जीडीएस ही नानपारा से रुपईडीहा डाकघर को डाक लेकर जाते हैं। यह सब काम भी बंद पड़ा हुआ है।
यह है हड़ताल का कारण
ग्रामीण डाक सेवक संघ की ओर से डाक सेवकों के लिए गठित जीडीएस कमेटी की सिफारिशों को 2016 में सरकार को सौंपा गया था।
कई बार प्रदर्शन के बाद और एक माह पहले प्रधानमंत्री आवास पर धरने के बाद कमेटी की रिपोर्ट को कैबिनेट भेजा गया। एक माह से अधिक समय बीतने पर भी कोई निर्णय नहीं लिए जाने से डाक सेवक आक्रोशित हैं।
हड़ताल से नहीं पड़ रहा असर
ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से कोई काम प्रभावित नहीं हो रहा है। नियमित डाक सेवक और कर्मचारी पहले की तरह काम कर रहे हैं, जिससे ग्राहकों को भी कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
जेएल शर्मा, डाक अधीक्षक, बहराइच