लखीमपुर के सड़क हादसे में जिले के सात लोगों ने गंवाई तान
सीतापुर। लखीमपुर जिले के उचौलिया इलाके में हुए सड़क हादसे को लेकर सीतापुर में मातम मचा हुआ है। इस हादसे में सीतापुर जिले के सात लोगों ने जान गंवाई है। मरने वालों में तंबौर क्षेत्र के दंपती समेत तीन लोग शामिल हैं। जबकि हरगांव, रामकोट के एक-एक तथा बिसवां कोतवाली क्षेत्र के दो लोग शामिल हैं।
काशीपुर निवासी सतीश के चचेरे भाई मिथलेश का विवाह 29 अप्रैल को तय है। बताते हैं कि सतीश परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए हापुड़ गया था। मिथलेश का विवाह था, इस वजह से सतीश अपनी पत्नी रोशनी देवी व गांव के ही राकेश के साथ घर के लिए निकला था।
राकेश भी सतीश के परिवार का ही है। तीनों लोग बेहद खुश थे और बारात में शामिल होने की बातें करते हुए आ रहे थे। इससे पहले कि तीनों काशीपुर पहुंचते और मिथलेश की बारात में शामिल होते। लखीमपुर के उचौलिया के निकट टाटा मैजिक ट्रक से टकरा गई।
नतीजा तीनों जान गवां बैठे। काशीपुर में जो लोग सतीश, रोशनी व राकेश के घर आने का इंतजार कर रहे थे, वे शव को लेने के लिए लखीमपुर भागे। मिथलेश के घर बज रही मांगलिक धुन मातम में बदल गई। लोग विवाह की तैयारियों को छोड़ अंत्येष्टि की व्यवस्था में जुट गए।
लखीमपुर खीरी के उचौलिया के निकट हाईवे पर एक टाटा मैजिक सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में कुल 12 लोगों की जान चली गई। हादसा भले ही लखीमपुर में हुआ हो, लेकिन इस हादसे से सीतापुर जिले में मातम मच गया।
वजह यह है कि इस हादसे में तंबौर के काशीपुर निवासी सतीश व उसकी पत्नी रोशनी तथा काशीपुर निवासी राकेश की मौत हो गई। जबकि रामकोट थाना क्षेत्र के जुहरी निवासी चंदन, हरगांव के बरोसा निवासी लल्लूराम उर्फ दुलारे, बिसवां के खालेपुरवा निवासी राजेश की पत्नी पूनम देवी, भौरा निवासी सरोज राजपूत ने भी जान गंवा दी हैं।
हालत यह है कि हादसे की खबर जैसे ही सीतापुर जिले में पहुंची, उन गांवों में मातम मच गया, जिन गांव के बाशिंदों ने अपनी जान गंवाई है। हादसे की खबर पाते ही मृतकों के परिवारीजन तत्काल लखीमपुर के लिए रवाना हो गए। गांवों में हालत यह थी कि वहां के लोग मृतकों के शवों का इंतजार करते नजर आ रहे थे।
बूढ़ी मां को विश्वास ही नहीं, चले गए बेटा व बहू
काशीपुर निवासी सतीश की मां पुताना देवी की उम्र 70 वर्ष के करीब है। वह अपनी बेटी के घर अचार्जन पुरवा में थी। बूढ़ी मां को जब खबर मिली कि उसके पुत्र सतीश व बहू रोशनी की सड़क हादसे में मौत हो गई। तब उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिस बहू बेटे का वह इंतजार कर रही है, वे उसे छोड़कर चले गए।
तो मां भी होती हादसे का शिकार
बताते हैं कि सतीश के साथ उसकी मां पुताना देवी भी हापुड़ रहती थी। हाल ही की बात है कि दो दिन पहले ही मां पुताना देवी बहू व बेटे को हापुड़ में छोड़कर अपनी बेटी के घर अचार्जन पुरवा आ गई थी। गांव के लोगों का कहना है कि अगर दो दिन पहले पुताना न आती तो आज वह भी उसी मैजिक में सवार होती जिसमें सवार होकर सतीश व रोशनी घर आ रहे थे।