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मेडिकल कॉलेज के लिए अपग्रेड होगा जिला व महिला अस्पताल

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फैजाबाद। जिले को चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। गंभीर मामलों में आसपास के जनपदों के लोगों को भी लखनऊ का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए यहां खुल रहे मेडिकल कॉलेज के लिए जिला व महिला अस्पताल में अपग्रेड कर पांच सौ बेड स्थापित होंगे। गंजा में करीब 189 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं की कक्षाएं चलेगीं, जबकि विद्यार्थी मेडिकल की बारीकियां जिला अस्पताल से ही सीखेंगे। इसके लिए दो माह पूर्व एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम ने जिला अस्पताल व महिला अस्पताल का दौरा कर शासन को प्रस्ताव भेजा है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विस्तार की कवायद शुरू हो जाएगी।
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शासन की मंशानुसार जिले को चिकित्सा के क्षेत्र में हाईटेक बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज का हिस्सा होगा। गंजा में 189 करोड़ से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के अभी संचालित होने में कुछ समय शेष है। यहां पर भवन का निर्माण चल रहा है, जहां विद्यार्थियों की कक्षाएं चलेंगी, लेकिन उनका प्रशिक्षण जिला अस्पताल में कराने की शासन की मंशा है। इसके लिए जिला अस्पताल के 212 बेड व महिला अस्पताल के 186 बेड को मिलाकर संयुक्त रूप से पांच सौ बेड का विस्तार दिया जाएगा। महिला अस्पताल को विशेष रूप से गायनो व पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। शेष आर्थोपेडिक, फिजीशियन, सर्जरी, हृदय, ईएनटी आदि सेवाएं जिला अस्पताल की ओर से संचालित की जाएंगी। मेडिकल कॉलेज के प्रथम सत्र में 30 से 50 सीट निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है, इसके बाद सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। यह महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से पूर्व दोनों अस्पतालों की इमारतों में भी मानक के अनुसार कई फेरबदल किए जाने हैं।
जिला महिला अस्पताल में बन रहे 100 बेड के मैटरनिटी विंग्स को भी इसी उद्देश्य से शीघ्रता से अंतिम रूप दिया जा रहा है। यहां इमारत बन चुकी है, बस डेंटिंग-पेंटिंग व साज-सज्जा के कार्य हो रहे हैं। जिला अस्पताल के औषधि भंडार, पुराने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय व चिकित्सकों के आवास तक नई मल्टी स्टोरी इमारत बनाई जाएगी, जिसमें भूतल में पार्किंग बनाई जाएगी। महिला अस्पताल के निकट बने पंपिंग सेट के पास नर्सिंग हॉस्टल बनाया जाएगा। आरडीसी की बिल्डिंग के बगल में लेक्चर थियेटर बनेगा। वैसे मेडिकल विद्यार्थियों को पहले सेमेस्टर से अस्पतालों में प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ती है, इसलिए इस परिकल्पना को अमलीजामा पहनाने में विभाग के पास अभी पर्याप्त समय है। दो माह पूर्व डॉ. प्रसाद के नेतृत्व में एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी व प्रभारी डॉ. पीके सिंह, प्रोफेसर सुजीत राय के साथ भौतिक निरीक्षण किया। मौजूद संसाधनों के साथ-साथ संभावित फेरबदल व नवीन संसाधनों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
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मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने को 10 डॉक्टरों ने दी सहमति
मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं देने के लिए जिला अस्पताल के एमएस व एमडी की डिग्री वाले दस चिकित्सकों ने सहमति भी जताई है। जिसमें अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव सहित तीन सर्जन, दो मेडिसिन, दो ईएनटी के चिकित्सक आदि शामिल हैं। प्रस्ताव की मंजूरी के बाद ही स्टीमेट आदि बनाकर कार्य शुरू कराया जाएगा। सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव, महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला, फिजीशियन डॉ. नानक सरन, डॉ. रामकिशोर, डॉ. एसपी बंसल आदि ने इस महत्वपूर्ण योजना को क्षेत्र, समाज व जनपद के साथ-साथ समीपवर्ती जिलों के लिए भी लाभकारी बताया है।

वर्जन
मेडिकल कॉलेज की क्लीनिकल कक्षाएं जिला अस्पताल परिसर में संचालित की जाएंगी। आवश्यक संसाधनों व परिसर की मूलभूत स्थिति का जायजा लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर स्टीमेट आदि बनाकर कार्य शुरू होगा। यदि शासन से हरी झंडी मिल गई तो दोनों अस्पतालों को एक करके 500 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा।
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-डॉ. पीके सिंह, प्रभारी अधिकारी मेडिकल कॉलेज
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