मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस व दरोगा भर्ती के मामले में विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है। भर्तियों में पूरी पारदर्शिता बरती गई। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही पुलिस में 40 हजार भर्तियां और की जाएंगी।
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार लगातार काम कर रही है। पुलिस के रिस्पांस टाइम में कमी लाने के लिए स्टडी कराई गई है। पुलिस को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा।
अपराधी व समाज के दुश्मनों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने के गम में मरने वाले किसानों को पहले दी गई पांच लाख की सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री कोष से भी दो-दो लाख रुपये देने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को विधानसभा में सामान्य प्रशासन व गृह विभाग के बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे।
लूट कांड व पुलिस प्रशासन पर भी बात की
मुख्यमंत्री ने हाल ही राजधानी में एटीएम लूट कांड और ट्रिपल मर्डर का जिक्र करते हुए कहा, पुलिस प्रशिक्षण पर खास ध्यान देने की जरूरत है। 10-15 साल पहले एटीएम में चोरी नहीं होती थी। पुलिस कार्रवाई कर रही है। अपराध होने के बाद छानबीन में वक्त लगता है। पुलिस खुलासा करेगी।
सहारनपुर के तनिष्क शो रूम में लूट का उल्लेख करते हुए कहा, क्या पता नहीं है कि ज्वैलरी कहां रखी थी? मुख्यमंत्री ने कहा कि घटनाओं पर रोक नहीं लग सकती। जब कार्रवाई होगी तो घटनाएं भी ज्यादा नजर आएंगी।
थानों में एफआईआर दर्ज न करने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अखिलेश ने कहा, बताएं कहां नहीं लिखी जा रही है। अपराधी व जो लोग सरकार की छवि खराब कर रहे हैं, उनके साथ सख्ती होगी। अगर हमारी भाषा व व्यवहार अच्छा है तो जनता हमारे साथ ही खड़ी होगी।
एक्सप्रेस-वे के लिए अफसरों को सराहा
मुख्यमंत्री ने अफसरों की तारीफ करते हुए कहा, उनके कामों से ही सरकार की छवि बनती है। आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण हमने नहीं, अफसरों ने किया। उनकी मेहनत व कुशलता न होती तो इतना बड़ा काम समय से नहीं हो सकता था। बिना किसी विवाद के किसानों की सहमति से भूमि का अधिग्रहण हुआ। इसकी तारीफ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी की।
अफसरों को जूता-चप्पल उतारकर अंदर जाना पड़ता था
बसपा की खिंचाई करते हुए सीएम ने कहा, आपने जूनियर को सीनियर कर दिया। हमने किसी का डिमोशन नहीं किया। जिनका आपने मनोबल गिराया, हमने उन्हें प्रमोशन देकर बढ़ाया। आपको सोचना चाहिए कि सत्ता से बाहर क्यों हुए? आप काम करने वालों का कितना सम्मान करते थे इसका पता तब चला जब मैं मुख्यमंत्री आवास गया।
पता चला कि अफसरों को जूता-चप्पल उतारकर अंदर जाना पड़ता था। हमारी सरकार में किसी ने फांसी नहीं लगाई। डॉक्टरों की हत्या नहीं हुई। एनआरआएचएम घोटाले में कितने मंत्री जेल गए। अपनी बातें याद नहीं हैं कि आपकी सरकार में कैसे पुलिस प्रशासन अन्याय करता था।
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य की तरफ इशारा करते हुए अखिलेश ने कहा, दलवीर सिंह तो आशीर्वाद देते हैं, पर आप उम्र छिपाते हैं। आपको भी आशीर्वाद देना चाहिए। रीता बहुगुणा का घर जलाने की तरफ इशारा करते हुए कहा, आपके नेता तो मुंह छिपाते थे।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आवास के बाहर बैरीकेडिंग कराने पर चुटकी लेते हुए कहा, तीन साल हो गए, बता दो किसी बड़े नेता के घर के पास बैरीकेडिंग कराई हो। आप कितनी बैरीकेडिंग कराते थे?
भाजपा पर भी किया तीखा पलटवार
पुलिस भर्ती को तूल देने पर अखिलेश भाजपा के प्रति हमलावर दिखे। नेता प्रतिपक्ष से कहा, हमें मालूम है कि आंदोलन आप नहीं, भाजपा वाले चलवा रहे हैं।
जो प्रक्रिया आपने अपनाई थी, वही हम अपना रहे हैं। प्लाटून कमांडर और दरोगा भर्ती 2011 से चल रही है। देरी इसलिए हुई क्योंकि कई बार कोर्ट में जवाब देना पड़ा। हम तो उसे पूरा कर रहे हैं।
किसी की सिफारिश नहीं हुई। फिजिकल प्री-एंट्रेंस, सेकेंड रिटन एग्जाम हुआ। जिन्हें शिकायत है, वह देख सकते हैं प्रश्नपत्र उनके पास है।
भाजपाई आंदोलन इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे मूर्तियों को दूध पिला देते हैं। कन्नौज, इटावा, मैनपुरी के लोगों की ज्यादा भर्ती का कौन सा आंकड़ा है इनके पास। केंद्र सरकार क्यों नहीं दे रही रोजगार?
सरकार की इन योजनाओं का किया बखान
मुख्यमंत्री ने कहा, हमने बजट के जरिये बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाया। सभी के लिए योजनाएं शुरू कीं। उद्योग लगाने और निवेश के लिए माहौल बनाया। गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए योजनाओं के साथ सड़क, बिजली, पानी व अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भी काम किया है।
कन्या विद्याधन, लैपटॉप, समाजवादी पेंशन समेत अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, सरकार की कोशिश है कि सभी वर्गों तक इनका लाभ पहुंचे। आगरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण केवल लखनऊ तक नहीं, बल्कि सरकार इसे बलिया तक ले जाने की कोशिश है।
जरूरी नहीं, जो तेज चले वो जीत जाए
सीएम ने कहा, नेता प्रतिपक्ष ने उन्हें नादान, मासूम व भोला कहा और सरकार के कछुए की रफ्तार की बात कही। कछुआ व खरगोश की रेस में जरूरी नहीं कि जो ज्यादा तेज चलता है, वही जीत जाए। सरकार की रफ्तार जैसी भी हो, पर जिन योजनाओं को लिया है, उनसे लोगों को फायदा हो रहा है।