फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच रिपोर्ट में खुलासा: पान मसाला बाजार में 40 फीसदी नकली माल काबिज, कारोबार में माफिया की भी घुसपैठ

Thu, 11 May 2023 01:23 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

खुफिया विंग की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पान मसाला के बाजार में नकली माल भी मौजूद है। इसके कारोबार में माफियाओं की भी घुसपैठ है।
विज्ञापन
- फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हजारों करोड़ के पान मसाला बाजार में कर चोरी के आरोप तो हैं ही, इसमें नकली मसाले की खपत के अलावा माफिया भी प्रवेश कर चुके हैं। जीएसटी खुफिया विंग की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि पान मसाला बाजार में 40 फीसदी नकली मसाला है व माफिया का भी कब्जा है। नकली और लोकल मसाले का ये बाजार असली के समानांतर खड़ा हो चुका है। ठेले-गुमटी से लेकर पान की दुकानों में ये नकली तंबाकू-पान मसाला बेधड़क बिक रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 17 हजार करोड़ का नकली मसाला और तंबाकू बाजार में खपाया जा रहा है।

विज्ञापन


जांच विंग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक नकली पान मसाले के खेल में कुछ असली मसाला बनाने वाले भी शामिल हैं। गुपचुप चल रही पान मसाला मशीनों में आधी असली वालों की ही हैं। अकेले यूपी, दिल्ली और एनसीआर में 150 से ज्यादा पान मसाला मशीनें चोरी छिपे चलाई जा रही हैं। गलियों और दूरदराज के इलाके के एक कमरे में चलने वाली इन मशीनों से करोड़ों की टैक्स चोरी करने के ये शातिर मास्टरमाइंड खुद ही नकली का हल्ला मचाकर कई बार छापा डलवा देते हैं। पिछले दो साल में नकली के नाम पर मारे गए छापों में महज आठ करोड़ का ही माल सीज किया गया।

ये भी पढ़ें - हर साल बिक रहा 44 हजार करोड़ का मसाला-तंबाकू, 14 हजार करोड़ की टैक्स चोरी; शीर्ष पर दिल्ली-UP, महाराष्ट्र
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - निकाय चुनाव का दूसरा चरण: सात नगर निगमों में कहीं सीधा तो कहीं त्रिकोणीय मुकाबला, पढ़ें- ग्राउंड रिपोर्ट
विज्ञापन


नकली वाले दे रहे असली के मुकाबले 25 फीसदी कमीशन
अधिकारी के मुताबिक दूसरी तरफ माफिया ने सिंडीकेट बनाकर समानांतर नकली फैक्टरी खोल ली है। नकली माल बेचने वाले छोटे दुकानदारों को असली के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा कमीशन दिया जा रहा है। विंग ने अपनी पड़ताल में कहा है कि पान मसाला बनाने के लिए तकनीकी या विज्ञान की जरूरत नहीं है। 

महज 200 वर्गफुट के एक कमरे, एक लाख रुपए और चार कर्मचारियों के साथ मसाला की फैक्टरी तैयार हो जाती है। कानपुर और दिल्ली में पान मसाले और तंबाकू के कच्चे माल के 32 सप्लायर हैं, जो फार्मूले सहित कच्चा माल सप्लाई करते हैं। इसको लेकर सात बड़े पान मसाला निर्माता केंद्रीय और राज्य कर के शीर्ष अफसरों से शिकायत भी कर चुके हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें