यूपी में बोतलबंद पानी के 40% सैंपल फेल मिले हैं। बीआईएस की जांच में सैंपल मानकों पर खरे नहीं मिले। यह कारोबार करीब 15 हजार करोड़ से ज्यादा का हो चुका है।
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने बोतलबंद पीने के पानी को उच्च जोखिम की श्रेणी में रखा है। यूपी में इस्तेमाल होने वाले पैकेज्ड पेयजल के 40 फीसदी सैंपल बीआईएस की जांच में फेल हो गए हैं। इसे देखते हुए उत्पादन इकाइयों को पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता सुधारने की चेतावनी दी। साथ ही हर महीने सैंपल लिए जा रहे हैं।
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महाकुंभ के मद्देनजर विशेष निगरानी की जा रही है और अपंजीकृत बोतलबंद पानी बेचने वाली इकाइयों पर छापे मारने की तैयारी की जा रही है। प्रयागराज, बनारस व अयोध्या सहित प्रदेश के तमाम जिलों में बोतलबंद पानी की करीब 450 इकाइयां पंजीकृत हैं।
15 हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार
इसके अलावा अपंजीकृत इकाइयों की संख्या लगभग 600 है। फ्लैवर्ड वाटर के नाम से अलग इकाइयां हैं, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के कंट्रोल में आती हैं। यूपी में ही बोतलबंद पानी का कारोबार 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है।