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आपके घर में ये सब चीजें लगी हैं तो देना होगा 4 गुना टैक्स

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शहर में जिन मकानों पर होर्डिंग या मोबाइल फोन का टॉवर लगा है, अब उन भवन स्वामियों को चार गुना हाउस टैक्स देना होगा। शुरुआती सर्वे में नगर निगम ने शहर में ऐसे 950 भवन चिह्नित किए हैं। छतों पर होर्डिंग वाली सबसे अधिक इमारतें जोन चार यानी इंदिरा नगर, गोमती नगर व महानगर में हैं।
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नगर निगम प्रशासन जल्द ही इन भवन स्वामियों को होर्डिंग लगाने का टैक्स लगाकर बिल भेजेगा। होर्डिंग वाले भवनों की यह सर्वे रिपोर्ट निगम के प्रचार विभाग ने तैयार की है।

यह वे भवन हैं, जिनको विभाग ने छत पर होर्डिंग लगाकर प्रचार करने की अनुमति दी है। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर जोनल अधिकारी अपने-अपने जोन में चिह्नित भवनों को होर्डिंग लगाने के बाद हुई गृहकर में बढ़ोतरी का बिल भेजेंगे।
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व्यावसायिक गृहकर निर्धारण नियमावली (उत्तर प्रदेश नगर निगम (संपत्ति कर) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2013  के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। यह नगर निगम में अप्रैल 2014 से प्रभावी है।

ऐसे भवनों पर बढ़ेगा टैक्स

टॉवर, होर्डिंग वाले मकान, टीवी टॉवर, दूरसंचार टॉवर या अन्य टॉवर जो भवन की जमीन, छत या खुले स्थान पर लगाए गए हैं।
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अब तक नहीं लगा रहे थे ऐसे टैक्स

नगर निगम में नियमावली अप्रैल 2014 से लागू है। पहले कॉमर्शियल टैक्स की गणना की कोई नियमावली नगर निगम में नहीं थी। इसकी आड़ में अब तक होर्डिंग और मोबाइल टॉवर लगाने वाले भवनों पर टैक्स लागू नहीं किया जा रहा था। नियमावली बनने से पहले कई बार यह मामला उठा लेकिन हर बार ठंडे बस्ते में चला गया।

एक होर्डिंग पर हजार रुपये टैक्स
नगर निगम के एक कर निरीक्षक ने बताया कि छत पर एक होर्डिंग करीब 100 वर्ग फिट एरिया घेरती है। ऐसे में इसका वार्षिक किराया 1200 से 1500 रुपये के बीच होगा। इस पर 15 प्रतिशत टैक्स 200 से 400 रुपये सालाना के हिसाब से आएगा। अब व्यावसायिक कर निर्धारण नियमावली के तहत इसे चार गुना कर दिया जाएगा और वही टैक्स होर्डिंग लगाने के एवज में लिया जाएगा।

जिन भवनों पर होर्डिंग या मोबाइल टॉवर लगे हैं। उनसे संपत्ति कर निर्धारण नियमावली 2013 के तहत आवासीय का चार गुना टैक्स लिया जाएगा। चार गुना टैक्स की गणना उतने ही क्षेत्र पर की जाएगी, जितने में होर्डिंग का ढांचा लगा होगा। ऐसे भवनों को बिल भेजने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- अशोक सिंह, उप नगर आयुक्त
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