बिजली संकट पर फूटा गुस्सा, चार उपकेंद्रों पर लोगों का धावा
सरोसा उपकेंद्र की प्रदर्शनकारियों ने बंद कराई बिजली तो पुलिस ने लाठी फटकारकर खदेड़ा
- राजाजीपुरम ओल्ड उपकेंद्र पर बिजली चालू करने की मांग को लेकर किया घेराव
5000 घर पारा क्षेत्र में अंधेरे में रहे
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राजधानी में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल हुई तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। बिजली संकट के विरोध में लोगों ने उपकेंद्रों सरोसा, राजाजीपुरम, शक्ति चौराहा आशियाना, इंद्रलोक कॉलोनी पर धावा बोला। सरोसा में तो 100-125 प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी। वहीं राजाजीपुरम कॉलोनी के ओल्ड उपकेंद्र बिजली चालू करने की मांग को लेकर दोपहर एक से दो बजे तक घेराव किया।
पारा क्षेत्र में बीती शनिवार पूरी रात लगभग 5000 घरों में अंधेरा होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सरोसा उपकेंद्र पर कब्जा कर ऑपरेटर से जबरन चालू बिजली बंद कराकर कर्मचारियों से अभद्रता की। इससे दो घंटे तक 10 हजार घरों की बिजली ठप रही। सूचना पर पहुंचे मुख्य अभियंता एवं सर्किल अफसर को प्रदर्शनकारियों का सामना करना पड़ा। अफसर प्रदर्शनकारियाें को शांत नहीं करा पाए तो पुलिस बुलाई। मुख्य अभियंता मधुकर वर्मा ने बताया कि पारा थानाध्यक्ष की मौजूदगी में शाम छह बजे के बाद बंद कराए गए फीडर को चालू करके बिजली सप्लाई सामान्य की जा सकी।
सरोसा उपकेंद्र का सांई मंदिर सहित दो फीडर शनिवार रात करीब 11 बजे बंद हो गए थे, जिससे हंसखेड़ा, बीबी खेड़ा, नरपतखेड़ा, गोकुल ग्राम, आवास विकास सहित आसपास के नव विकसित इलाके में अंधेरा हो गया। उपकेंद्र से लेकर इलाकाई इंजीनियरों के मोबाइल फोन बंद हो गए। रविवार दोपहर तीन बजे तक बिजली चालू नहीं हुई तो शाम चार बजे लोगों ने उपकेंद्र पर धावा बोल दिया।
राजधानी के 90 फीसदी हिस्से में चार घंटे ठप रहीं बिजली
रविवार तड़के बारिश के कारण राजधानी का 90 फीसदी हिस्सा औसतन चार घंटे तक बिजली संकट की चपेट में रहा। यहीं नहीं गोमतीनगर विस्तार में 33 केवी केबल कटने से करीब 10 घंटे तक सप्लाई बाधित रही, जिससे शारदा, शिप्रा, वनस्थली, सुलभ आवास, ग्रीनवुड, गंगा, सरस्वती सहित 18 अपार्टमेंट के लोग बिजली को तरसे।
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चार जगह गिरे पेड़, पोल व तार टूटे
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